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कालियाचक कांड का 'खलनायक' दबोचा : बागडोगरा एयरपोर्ट पर धरा गया मिम नेता

सलाखों में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने का मास्टरमाइंड

03 Apr 2026

कालियाचक कांड का 'खलनायक' दबोचा : बागडोगरा एयरपोर्ट पर धरा गया मिम नेता

कोलकाता। मालदा के कालियाचक में लोकतंत्र और न्यायपालिका को शर्मसार करने वाली घटना के मुख्य सूत्रधार को पुलिस ने आखिरकार सलाखों के पीछे भेज दिया है। मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (मिम) के नेता मफक्केरुल इस्लाम, जिसे कालियाचक हिंसा का मास्टरमाइंड माना जा रहा है, उसे बागडोगरा हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह राज्य से फरार होने की फिराक में था। मफक्केरुल पर आरोप है कि उसने ही उस हिंसक भीड़ का नेतृत्व किया और उसे उकसाया, जिसने सात न्यायिक अधिकारियों को करीब 9 घंटे तक बंधक बनाकर रखा था। खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने बागडोगरा एयरपोर्ट पर जाल बिछाया था। जैसे ही मफक्केरुल वहां पहुँचा, सुरक्षा एजेंसियों ने उसे दबोच लिया। 
सूत्रों के अनुसार, कालियाचक के बीडीओ कार्यालय में मतदाता सूची (स्ढ्ढक्र प्रक्रिया) के विरोध के नाम पर जो तांडव मचा था, उसकी पूरी पटकथा मफक्केरुल ने ही लिखी थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई अचानक उपजा जनाक्रोश नहीं था, बल्कि सोची-समझी साजिश थी ताकि चुनावी प्रक्रिया में व्यवधान डाला जा सके और संवैधानिक संस्थाओं के मनोबल को तोड़ा जा सके। इस मामले में पुलिस को डिजिटल साक्ष्यों से बड़ी मदद मिली है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो में मफक्केरुल को भीड़ को भड़काते और अधिकारियों की घेराबंदी का निर्देश देते हुए देखा गया है। गौरतलब है कि इस मामले में पहले ही एक आईएसएफ उम्मीदवार समेत कई उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब मफक्केरुल से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सुनियोजित घेराबंदी के पीछे किन बड़े सफेदपोशों का हाथ है और क्या इसके लिए कोई विदेशी फंडिंग या बाहरी निर्देश प्राप्त थे। कालियाचक की इस घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा में हुई इस भारी चूक पर गहरी नाराजगी जताते हुए राज्य प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। इसी दबाव के बीच एनआईए ने भी मामले की समानांतर जांच शुरू कर दी है। मफक्केरुल की गिरफ्तारी को इस केस की सबसे बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस गिरफ्तारी के बाद हड़कंप है, क्योंकि चुनाव के ऐन पहले एक प्रमुख नेता का नाम इस तरह के रक्तचरित्र में आना विपक्षी दलों के लिए बड़ा मुद्दा बन गया है। अब देखना यह है कि मफक्केरुल के मुंह खोलने के बाद और कितने रसूखदारों के नाम इस कालियाचक फाइल से बाहर आते हैं।

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