प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान
21 जुलाई की तैयारी सभा में शामिल होकर तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी के भीतर कथित भ्रष्टाचार और संपत्ति अर्जन को लेकर तीखी टिप्पणी की। हुगली जिलाध्यक्ष असित मजुमदार के आह्वान पर आयोजित इस सभा में उन्होंने कई नेताओं पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पार्टी में रहकर “माल कमा चुके हैं”, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।
पश्चिम बर्दवान। 21 जुलाई की तैयारी सभा में शामिल होकर तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी के भीतर कथित भ्रष्टाचार और संपत्ति अर्जन को लेकर तीखी टिप्पणी की। हुगली जिलाध्यक्ष असित मजुमदार के आह्वान पर आयोजित इस सभा में उन्होंने कई नेताओं पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पार्टी में रहकर “माल कमा चुके हैं”, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।
सभा में उन्होंने कहा कि जो लोग पहले तृणमूल में थे और अब अलग रास्ता अपना चुके हैं, उन्होंने पार्टी में रहते हुए भारी संपत्ति बनाई। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से अपील करते हुए कहा कि यदि पार्टी में भ्रष्टाचार और अवैध कमाई के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है तो उन्हें उसका समर्थन है।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि “बहुत लोगों ने खूब माल कमाया है, इसलिए चोरों के साथ चोर चले गए।” उन्होंने यह भी कहा कि केवल एक व्यक्ति को निशाना बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि “कलम और दवात” तक को जांच के दायरे में लाना होगा। उनके इस बयान को कई राजनीतिक पर्यवेक्षक पार्टी के भीतर असंतोष और गुटबाजी से जोड़कर देख रहे हैं।
नाम लिए बिना उन्होंने नगर विकास मंत्री फिरहाद हाकिम पर भी हमला बोला। साथ ही स्नेहाशीष चक्रवर्ती, चंडीतला की विधायक स्वाती खंदकर, चांपदानी के पूर्व विधायक अरिंदम गुईन तथा संतोष सिंह उर्फ पप्पू को लेकर भी विवादित टिप्पणी की।
कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि 2009 में जिन लोगों के घर साधारण थे, आज उनके आवास आलीशान महलों जैसे हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ नेताओं के घरों के बेडरूम और वॉशरूम तक फाइव स्टार होटल को टक्कर देने वाले हैं।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कुछ नेता पहले भाजपा में जाने की सोच रहे थे, लेकिन वहां जगह नहीं मिलने पर उन्होंने अलग राजनीतिक मंच तैयार किया।
कल्याण ने कहा कि यह सब राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कोशिश है और इससे तृणमूल संगठन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।