रियलिटी शो से बाहर होने की कगार पर थीं अंकिता दुबई में शूटिंग के लिए माँ के पासपोर्ट का अटका था पेंच
कोलकाता। बंगाल की एक उभरती हुई संगीत प्रतिभा और लोकप्रिय रियलिटी शो की प्रतियोगी अंकिता प्रधान के सपनों को नई उड़ान मिली है। पूर्व मेदिनीपुर के कांथी की निवासी अंकिता, पासपोर्ट संबंधी तकनीकी बाधा के कारण एक अंतरराष्ट्रीय मंच से बाहर होने की कगार पर थीं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के समयबद्ध हस्तक्षेप ने उनकी राह आसान कर दी। अब अंकिता अपनी माँ के साथ दुबई में होने वाली शो की अगली शूटिंग में हिस्सा ले सकेंगी। विदित हो कि अंकिता वर्तमान में एक राष्ट्रीय स्तर के संगीत रियलिटी शो में बंगाल का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। अब तक की शूटिंग मुंबई में चल रही थी, लेकिन टॉप-10 चरण की शूटिंग के लिए सभी प्रतियोगियों को दुबई जाना है। अंकिता के नाबालिग होने के कारण नियमों के तहत उनकी माँ का साथ जाना अनिवार्य था। दोनों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, परंतु अंकिता का पासपोर्ट जारी होने के बावजूद उनकी माँ का दस्तावेज प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अटक गया। चैनल प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया था कि यात्रा दस्तावेजों की स्थिति तीन दिनों के भीतर स्पष्ट करनी होगी, अन्यथा उन्हें प्रतियोगिता से बाहर किया जा सकता है। इस संकट की घड़ी में अंकिता के परिवार ने अभिषेक बनर्जी के कार्यालय से संपर्क साधा। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभिषेक बनर्जी ने संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल की। परिणाम स्वरूप, शनिवार को अंकिता की माँ का पासपोर्ट जारी हो गया और परिवार ने राहत की सांस ली। अभिषेक बनर्जी की इस सक्रियता को राजनीतिक विशेषज्ञ रणनीतिक चश्मे से भी देख रहे हैं। चूँकि पूर्व मेदिनीपुर जिला नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है, ऐसे में वहाँ की एक प्रतिभा की मदद करना चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में नंदीग्राम के सेवाश्रय कार्यक्रम में भी अभिषेक की सक्रियता सुर्खियों में रही थी। हालाँकि, तृणमूल समर्थकों का कहना है कि यह एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है, जिसने एक मेधावी बच्ची का भविष्य बचाने में सहायता की है। फिलहाल, अंकिता प्रधान अपनी माँ के साथ दुबई जाने की तैयारियों में व्यस्त हैं। समूचे बंगाल को उम्मीद है कि कांथी की यह बेटी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सुरीली आवाज से राज्य का नाम रोशन करेगी।