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पुलिस की विशेष जांच टीम इस मामले की जांच कर रही है, जिसमें कुल 9 सदस्य शामिल हैं
कोलकाता। कसबा लॉ कॉलेज गैंगरेप मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान पीडि़ता ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वो (आरोपी) शराब के नशे की हालत में था। इस टिप्पणी के बाद अदालत में मौन छा गया।
इसी के साथ पीडि़ता के वकील अरिंदम जाना ने कोर्ट को बताया कि परिवार जांच प्रक्रिया से संतुष्ट है और अब सिर्फ जांच रिपोर्ट की कॉपी चाहते हैं ताकि यह समझा जा सके कि जांच कहां तक पहुँची है। मामले की सुनवायी कर रहे न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति मिता दास डे की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जांच रिपोर्ट की प्रति केवल पीडि़ता के परिवार को दी जाएगी। यह मीडिया या किसी तीसरे पक्ष के साथ साझा नहीं की जा सकती। सारी जानकारी अदालत की सुरक्षा में ही रखी जाएगी। दरअसल घटना का खुलासा 27 जून को हुआ, जब पीडि़ता ने आरोप लगाया कि 25 जून की शाम उसे कॉलेज बुलाया गया था। बाद में उसे कॉलेज के सुरक्षाकर्मी के कमरे में ले जाकर बलात्कार किया गया। आरोप है कि उस दौरान सुरक्षाकर्मी को कमरे के बाहर बैठा दिया गया था। अब तक कॉलेज के गार्ड सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की विशेष जांच टीम इस मामले की जांच कर रही है, जिसमें कुल 9 सदस्य शामिल हैं। पीडि़ता और आरोपियों के रक्त सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल किसी नई पुलिस रिमांड की मांग नहीं की गई। सभी आरोपी 22 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। राज्य की ओर से वकील कल्याण बंदोपाध्याय ने अदालत को बताया कि जांच रिपोर्ट एक सील बंद लिफाफे में जमा की गई है। इसके साथ ही सीआरपीसी की धारा 164 के तहत पीडि़ता का बयान भी अदालत को सौंपा गया है। कसबा कांड में कोर्ट की निगरानी में जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है। जहां एक ओर पीडि़ता ने जांच पर भरोसा जताया है, वहीं कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि जांच से जुड़ी कोई भी जानकारी गोपनीय रहेगी। अगले कुछ हफ्ते इस केस की दिशा तय करेंगे, जिसमें डीएनए रिपोर्ट और विशेष जांच कमेटी की अगली रिपोर्ट अहम भूमिका निभाएगी।