पुलिस ने ढेर के नीचे से घसीट निकाला, खाट के नीचे छुपने का भी आया मामला
कोलकाता। सरकारी आवास योजना के नाम पर गरीब जनता से कटमनी (अवैध वसूली) वसूलने वाले नेताओं के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर से एक बेहद नाटकीय मामला सामने आया है, जहाँ भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे तृणमूल के नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती को पुलिस ने एक कपड़ा गोदाम में साडिय़ों के भारी ढेर के नीचे से ढूंढ निकाला। गिरफ्तारी का यह फिल्मी अंदाज पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, स्थानीय ग्रामीणों ने ब्रह्मानंद के खिलाफ सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद से ही आरोपी नेता फरार चल रहा था। पुलिस को सूचना मिली कि वह बिलासपुर इलाके में स्थित एक कपड़े के गोदाम में दुबका है। पुलिस ने जब गोदाम पर धावा बोला, तो शुरुआती तलाशी में वह नजर नहीं आया। इसके बाद जब पुलिस ने शक के आधार पर वहां रखे साडिय़ों के बड़े ढेर को हटाया, तो नेताजी उसके नीचे छिपे मिले। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर आमता थाने में गिरफ्तार कर लिया।
इसी तरह का एक और हास्यास्पद मामला कूचबिहार जिले के माथाभांगा से भी सामने आया। वहाँ जोरपाटकी गांव में आवास योजना के बदले अवैध वसूली करने वाले एक और तृणमूल नेता सैदुल मियां के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोग उनके घर का घेराव कर पैसे वापस करने की मांग करने लगे। आक्रोशित भीड़ को देखकर सैदुल मियां इस कदर खौफजदा हो गए कि वह घर के भीतर एक खाट के नीचे जाकर छिप गए। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें खाट के नीचे से बाहर निकाला और हिरासत में लिया। इन घटनाओं ने बंगाल के ग्रामीण अंचलों में व्याप्त कटमनी संस्कृति और जनता के बढ़ते आक्रोश को उजागर कर दिया है।