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स्वरूप विश्वास पर 80 लाख की उगाही का भी केस दर्ज
कोलकाता। प्रतिष्ठित दुर्गापूजा समितियों में शुमार सुरुचि संघ इस समय एक बड़े बहुआयामी कानूनी संकट में घिर गया है। एलआईसी ने क्लब को जमीन पर कथित अवैध कब्जे के आरोप में एक सख्त कानूनी नोटिस जारी करते हुए आगामी 18 जुलाई तक पूरा परिसर खाली करने का कड़ा निर्देश दिया है। एलआईसी की ओर से यह नोटिस क्लब परिसर की दीवार पर भी चस्पा कर दिया गया है, जिसमें साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जमीन खाली नहीं की गई तो प्रबंधन के खिलाफ और कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एलआईसी का आरोप है कि संबंधित बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाकर निर्माण कार्य किया गया है। इस औचक कार्रवाई के बाद कोलकाता के सांस्कृतिक जगत और दुर्गापूजा आयोजकों के बीच भारी हलचल मच गई है, क्योंकि सुरुचि संघ की दुर्गापूजा अपनी भव्य और अनूठी थीम आधारित प्रस्तुतियों के लिए न केवल राज्य में बल्कि पूरे देश में प्रसिद्ध है।
सुरुचि संघ का नाम लंबे समय से अरूप विश्वास और उनके भाई स्वरूप विश्वास से गहराई से जुड़ा रहा है और क्लब के संचालन व भव्य आयोजनों में इन दोनों की ही मुख्य भूमिका मानी जाती रही है। ऐसे में एलआईसी के इस नोटिस के बाद सबसे बड़ा संकट इस वर्ष होने वाली दुर्गापूजा के आयोजन और क्लब की भविष्य की गतिविधियों पर मंडराने लगा है। इसी बीच क्लब और स्वरूप विश्वास की मुश्किलें उस समय और ज्यादा बढ़ गईं, जब एक महिला ने पूर्व तृणमूल नेता स्वरूप विश्वास के खिलाफ धन उगाही और अनुचित व्यवहार के बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। शिकायतकर्ता महिला का दावा है कि उसने न्यू अलीपुर क्षेत्र में स्ट्रीट फूड कार्ट लगाने की अनुमति के लिए स्थानीय पार्षद जुई विश्वास से संपर्क किया था, जिन्होंने महिला को इस सिलसिले में स्वरूप विश्वास से मिलने की सलाह दी थी।
महिला का संगीन आरोप है कि जब उसने संपर्क किया तो स्वरूप विश्वास ने उससे कार्ट लगाने की अनुमति के बदले 80 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम की मांग की और इस मुलाकात के लिए उसे सुरुचि संघ परिसर में ही बुलाया था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस मुलाकात के दौरान व्यक्तिगत लाभ से जुड़े अनुचित संकेत भी दिए गए थे। महिला की इस लिखित शिकायत के आधार पर न्यू अलीपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत केस संख्या 96/2026 दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्राथमिक जांच में आरोपों के भीतर संज्ञेय अपराध के तत्व मिलने के बाद ही स्वरूप के खिलाफ यह औपचारिक मामला दर्ज किया गया है। एक तरफ जमीन खाली करने का एलआईसी का अल्टीमेटम और दूसरी तरफ नेतृत्व पर लगे गंभीर आपराधिक आरोपों ने सुरुचि संघ को चौतरफा संकट में डाल दिया है।