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सुरक्षा व्यवस्था पर बिफर पड़ीं ममता, पुलिस और प्रशासन को जमकर लताड़ा

'मैंने खुद चार बार भगदड़ होने से रोका'

09 Apr 2026

सुरक्षा व्यवस्था पर बिफर पड़ीं ममता, पुलिस और प्रशासन को जमकर लताड़ा

कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बरानगर और बागुईआटी के चुनावी कार्यक्रमों के दौरान अपनी सुरक्षा व्यवस्था में हुई भारी चूक को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सायंतिका बंद्योपाध्याय के समर्थन में डनलप मोड़ से सिंथी मोड़ तक आयोजित पदयात्रा के बाद ममता बनर्जी का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। उन्होंने खुले मंच से पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पदयात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजाम इतने लचर थे कि किसी भी वक्त बड़ी अनहोनी हो सकती थी। 
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भीड़ के भारी दबाव के कारण उन्हें खुद चार अलग-अलग जगहों पर संभावित भगदड़ (स्टैम्पीड) को रोकना पड़ा और महिलाओं को भीड़ से खींचकर सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा। मुख्यमंत्री ने बागुईआटी की जनसभा को संबोधित करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सड़क पर लाखों लोगों का हुजूम था, लेकिन पुलिस केवल एक पतली रस्सी के सहारे भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही थी। 
ममता बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की रैलियों में तो सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े लोहे के बैरिकेड्स लगाए जाते हैं, लेकिन उनके कार्यक्रमों में पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? उन्होंने इसे जानबूझकर किया गया भेदभाव करार दिया और पूछा कि यदि इस अव्यवस्था के कारण कोई हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से संकेत दिया कि उनकी सुरक्षा के साथ राजनीतिक कारणों से खिलवाड़ किया जा रहा है। चुनावी सभा के दौरान सुरक्षा के मुद्दे के साथ-साथ ममता ने बंगाली अस्मिता और महान विभूतियों के अपमान का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, राजा राममोहन राय और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महान नायकों के योगदान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि देश में संविधान का सम्मान नहीं हो रहा है और केंद्रीय एजेंसियों को पक्षपातपूर्ण तरीके से एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने चुनाव आयोग को धन्यवाद देते हुए स्पष्ट किया कि चाहे कितनी भी बाधाएं आएं, उनकी पार्टी अंतिम सांस तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी। राजारहाट की रैली में ममता बनर्जी अपनी उम्मीदवार अदिति मुंशी के लिए काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने अदिति को अपनी सबसे प्रिय उम्मीदवार बताते हुए उनके समर्पण की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में माँ बनने के बावजूद अदिति मुंशी ने जिस तरह से चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया, वह उनके साहस और सेवा भाव को दर्शाता है। 
उन्होंने सुजीत बोस और अदिति मुंशी के पक्ष में मतदान की अपील करते हुए जनता से आह्वान किया कि वे बाहरी ताकतों को करारा जवाब दें। सुरक्षा में चूक के मुद्दे से शुरू हुआ ममता बनर्जी का यह भाषण अंतत: भावनाओं और बंगाल के स्वाभिमान की लड़ाई पर जाकर केंद्रित हो गया।

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