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ममता बनर्जी का 'बहरामपुर प्लान'!

यूसुफ पठान की राजनीतिक बलि देकर संसद पहुंचेंगी दीदी

12 May 2026

ममता बनर्जी का 'बहरामपुर प्लान'!

कोलकाता। बंगाल की सत्ता की चाबी दीदी के हाथ से फिसल गई है। लेकिन ममता बनर्जी अभी भी अपने वजूद को बचाने के लिए जुगत लगा रही हैं। एक तरफ भवानीपुर विधानसभा सीट पर मिली करारी शिकस्त ने टीएमसी के खेमे में सन्नाटा पसरा दिया है, मगर इस सन्नाटे के बीच एक ऐसी खिचड़ी पक रही है जिसने दिल्ली से लेकर कोलकाता तक का सियासी पारा चढ़ा सकता है। सूत्रों की मानें तो ममता बनर्जी अब संसद के रास्ते अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की जुगत में हैं। इसके लिए उन्होंने बहरामपुर लोकसभा सीट को चुना है, जहां से वर्तमान में पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान सांसद हैं। खबर है कि यूसुफ पठान से इस्तीफा दिलाकर दीदी खुद वहां से उपचुनाव लड़ सकती हैं। लेकिन यह रास्ता इतना आसान नहीं है। एक तरफ भाजपा का बढ़ता ग्राफ है और दूसरी तरफ साख बचाने की चुनौती। अगर बहरामपुर में भी पासा उल्टा पड़ा, तो दीदी की रही-सही इज्जत भी दांव पर लग जाएगी।  टीएमसी के अंदरखाने इस पर मंथन शुरू हो चुका है।
बहरामपुर हमेशा से बंगाल की राजनीति का सबसे दिलचस्प मोड़ रहा है। कभी इसे अधीर रंजन चौधरी का अभेद्य किला माना जाता था, जिसे 2024 में यूसुफ पठान ने ढहा दिया था। अब उसी पिच पर ममता बनर्जी खुद बैटिंग करने की तैयारी में हैं। टीएमसी के रणनीतिकारों को लगता है कि ममता का संसद पहुंचना भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर माहौल बनाने के लिए जरूरी है। लेकिन राजनीति में टाइमिंग का बड़ा महत्व होता है। विधानसभा चुनाव में हार के तुरंत बाद किसी दूसरी सीट पर हाथ आजमाना जनता के बीच क्या संदेश देगा? क्या बहरामपुर के लोग दीदी को 'शरणार्थीÓ नेता के तौर पर देखेंगे या फिर उन्हें बंगाल की आवाज मानकर सिर-आंखों पर बैठाएंगे?यूसुफ पठान को जब राजनीति में लाया गया था, तो वह ममता का 'ट्रम्प कार्ड' थे। उन्होंने अपना काम बखूबी किया और कांग्रेस के दिग्गज अधीर को पटखनी दी। लेकिन अब खबर है कि दीदी के लिए यूसुफ को अपनी सीट छोडऩी पड़ सकती है। इसे यूसुफ की राजनीतिक बलि के तौर पर देखा जा रहा है। सवाल यह है कि एक लोकप्रिय खिलाड़ी और सांसद को इस तरह किनारे करना क्या स्थानीय समर्थकों को रास आएगा? यूसुफ पठान की अपनी एक फैन फॉलोइंग है और उनके अचानक हटने से टीएमसी के भीतर भी असंतोष की लहर दौड़ सकती है। क्या दीदी का यह 'सुसाइडल' दांव खुद उनकी पार्टी के लिए ही मुसीबत खड़ी कर देगा?

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