'बंगाल को कैद नहीं कर पाएगी बीजेपी'
कोलकाता। विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही बीरभूम का दुबराजपुर एक बड़े सियासी धमाके का गवाह बना। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर अब तक का सबसे सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार चुनाव से ठीक पहले फिर से लॉकडाउन लागू करने की गहरी साजिश रच रही है। ममता ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी कि बंगाल की जनता को घरों में कैद कर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी।
उन्होंने 2021 की मिसाल देते हुए कहा कि जब कोरोना की विभीषिका बंगाल को नहीं रोक पाई, तो अब कोई भी कृत्रिम पाबंदी तृणमूल की लहर को नहीं थाम पाएगी। सभा में ममता बनर्जी का सबसे तीखा रुख रसोई गैस के मुद्दे पर रहा। उन्होंने महंगाई को हथियार बनाते हुए पूछा कि जब आम आदमी के पास चूल्हा जलाने के लिए गैस नहीं है, तो क्या वह हवा खाकर वोट देगा? उन्होंने भाजपा के चुनावी प्रचार पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा गैस के गुब्बारे तो उड़ा रही है, लेकिन सिलेंडर की आपूर्ति 20-21 दिनों तक ठप है। यह केवल एक आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि बंगाल के हर घर की रसोई पर किया गया हमला है।
ममता ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले और केंद्रीय एजेंसियों का हस्तक्षेप केवल बंगाल के विकास को बाधित करने और चुनाव को प्रभावित करने का एक जरिया मात्र है। भाषण के आखिरी पड़ाव में ममता बनर्जी ने महिलाओं और युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए उन्हें अंतिम लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटकर सत्ता हासिल करना चाहती है, जिसे बंगाल कभी स्वीकार नहीं करेगा। यह चुनाव केवल सीटों की गिनती नहीं, बल्कि बंगाल की अस्मिता और पहचान को बचाने का आंदोलन है, इस हुंकार के साथ उन्होंने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया। दुबराजपुर की इस रैली ने यह साफ कर दिया है कि ममता बनर्जी इस बार रक्षात्मक होने के बजाय सीधे उन मुद्दों पर वार कर रही हैं, जो सीधे तौर पर आम आदमी की जेब और उसकी आजादी से जुड़े हैं।