वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
'वोटों का बिखराव मतलब बीजेपी का सीधा फायदा'
कोलकाता। विधानसभा चुनाव के लिए जारी घमासान के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शांतिपुर की धरती से विपक्ष और विशेषकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने मतदाताओं को आगाह किया कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों और उनकी सुरक्षा की रक्षा का संग्राम है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि विपक्षी मतों का ध्रुवीकरण या बंटवारा होता है, तो इसका सीधा लाभ भाजपा को मिलेगा, जो राज्य की लोकतांत्रिक संरचना के लिए घातक हो सकता है। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान बाहरी तत्वों के हस्तक्षेप का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले राज्य का सौहार्द बिगाडऩे के लिए बाहर से लोगों को लाया जा रहा है।
ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सतर्क रहने की हिदायत देते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि या गड़बड़ी पर पैनी नजर रखना अनिवार्य है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियों और नीतियों का डर दिखाकर जनमत को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन बंगाल की जनता इन चालों को भली-भांति समझती है और समय आने पर इसका करारा जवाब देगी। ममता बनर्जी ने विशेष रूप से महिलाओं को संबोधित करते हुए उनमें साहस का संचार किया। उन्होंने आह्वान किया कि महिलाएं किसी भी प्रकार के दबाव या डराने-धमकाने की राजनीति के सामने न झुकें और निर्भीक होकर मतदान करें।
तृणमूल सुप्रीमो ने शांतिपुर के मंच से यह संदेश देने की कोशिश की कि उनकी पार्टी ही लोगों के अधिकारों की एकमात्र गारंटी है। रैली के अंत में उन्होंने एकजुटता का मंत्र देते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में हर नागरिक की स्वतंत्र भागीदारी सुनिश्चित करना ही उनकी प्राथमिकता है। इस सभा ने जिले के राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है, जहाँ ममता ने वोट बैंक को एकजुट रखने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।