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दिसंबर तक दौडऩे लगेगी ऑरेंज लाइन
कोलकाता। कोलकाता के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण चौराहों में से एक, चिंगड़ीघाटा क्रॉसिंग पर पिछले दो साल से चला आ रहा मेट्रो का गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। तृणमूल सरकार के अडिय़ल रवैये और पुलिस ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति न मिलने के कारण 2024 से ठप पड़ा ऑरेंज लाइन मेट्रो का गर्डर लॉन्चिंग का काम सोमवार सुबह 5 बजे तय समय से पहले सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस सफलता के साथ ही न्यू गडिय़ा (कवि सुभाष) से साल्ट लेक सेक्टर-5 और एयरपोर्ट को जोडऩे वाले इस ड्रीम प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा कांटा निकल गया है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ऐतिहासिक कामयाबी पर सीधे ममता बनर्जी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि हमने कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन के सबसे महत्वपूर्ण लिंक, चिंगड़ीघाटा में 62 मीटर लंबे वायडक्ट गैप को सफलतापूर्वक पाट दिया है। तृणमूल सरकार ने बुनियादी ट्रैफिक डायवर्जन की अनुमति न देकर इसे सालों तक अटकाए रखा। यहां तक कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी काम आगे नहीं बढऩे दिया गया था। उन्होंने साफ किया कि जैसे ही राजनीतिक अड़चनें खत्म हुईं, रात के समय दो वीकेंड का ब्लॉक लेकर इस काम को रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया।
इस पूरे विवाद ने कानूनी रूप तब लिया था जब पिछले साल सितंबर 2025 में कलकत्ता हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सभी पक्षों (मेट्रो, आरवीएनएल और राज्य सरकार) को मिलकर रास्ता निकालने को कहा था। इसके बाद दिसंबर 2025 में हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए 15 फरवरी 2026 तक काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन तत्कालीन तृणमूल सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी। इसी साल 23 मार्च 2026 को देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने ममता सरकार की खिंचाई करते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी और कहा कि जनहित की इस परियोजना पर राज्य सरकार 'हठधर्मी रवैया' अपना रही है। इसके बाद हुए चुनावी और प्रशासनिक बदलावों के चलते नए प्रशासन ने तुरंत फाइल को मंजूरी दी और काम युद्धस्तर पर शुरू हुआ।
मेट्रो रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एस. एस. कनन के अनुसार, चिंगड़ीघाटा क्रॉसिंग पर 366 मीटर के वायडक्ट का काम दो चरणों में शनिवार और रविवार की रातों को पूरा किया गया। पिलर नंबर 317 से 319 के बीच भारी-भरकम कंक्रीट गर्डर्स को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया, जिसके बाद सोमवार सुबह ईएम बाईपास पर ट्रैफिक को भी सामान्य कर दिया गया।
कनन ने बताया कि मेट्रो का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक इस रूट को बेलेघाटा से आईटी सेंटर तक व्यावसायिक रूप से चालू करने का है। इसके शुरू होते ही यात्री सेक्टर-5 स्टेशन पर ग्रीन लाइन (इस्ट-वेस्ट मेट्रो) से सीधे हावड़ा मैदान तक का सफर तय कर सकेंगे। वहीं, दिसंबर 2027 तक इस लाइन को सीधे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक खींचने की तैयारी है।