छत की टाइलें हटाकर घर में घुसा कसाई पति, पत्नी और जवान बेटे को काट डाला
कोलकाता। रिश्तों के कत्लगाह में तब्दील हो चुके समाज की एक और खौफनाक तस्वीर उलूबेडिय़ा थाना क्षेत्र के बानीतला इलाके में सामने आई है, जहाँ शक के उन्माद ने एक ही झटके में पूरे परिवार को लहूलुहान कर दिया। गुरुवार की स्याह रात में एक पति ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए न केवल अपनी पत्नी की जान ली, बल्कि उस जवान बेटे को भी मौत की नींद सुला दिया जिसके कंधों पर भविष्य का बोझ होना था। आरोपी प्रदीप मुखोपाध्याय ने जिस सुनियोजित और बर्बर तरीके से इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया, उसने पूरे इलाके की रूह कपा दी है। यह महज एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि एक विक्षिप्त मानसिकता का चरम है, जहाँ घर की छत सुरक्षा देने के बजाय कातिल के प्रवेश का रास्ता बन गई। वारदात की पटकथा गुरुवार की देर रात तब लिखी गई जब 38 वर्षीय अपर्णा मुखोपाध्याय अपने दो बेटों के साथ घर के भीतर गहरी नींद में सो रही थीं। आरोपी प्रदीप, जो लंबे समय से अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करने की सनक में जी रहा था, ने मौत का एक भयावह खाका तैयार किया। वह दबे पांव घर की छत पर चढ़ा और वहां लगी टाली (मिट्टी की टाइलें) हटाकर एक-एक कर नीचे उतरा। हाथ में धारदार कटारी लिए प्रदीप ने सीधे अपनी सो रही पत्नी पर हमला बोला। प्रहार इतने भीषण और ताबड़तोड़ थे कि अपर्णा को संभलने या शोर मचाने तक का मौका नहीं मिला। माँ को बचाने आए 18 वर्षीय बड़े बेटे प्रणब को भी उस सनकी पिता ने नहीं बख्शा और उसे भी मौत के घाट उतार दिया। छोटे बेटे अभिर पर भी जानलेवा हमला किया गया, लेकिन मौत को मात देकर वह लहूलुहान हालत में किसी तरह भागने में सफल रहा। खून के इस खेल को खत्म करने के बाद प्रदीप ने खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए जहर खाकर खुदकुशी का ड्रामा रचा। चीख-पुकार सुनकर जब पड़ोसी इक_ा हुए, तो फर्श पर बिखरा खून और कटी-फटी लाशें देखकर हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया। सूचना मिलते ही उलूबेडिय़ा पुलिस मौके पर पहुंची और घायल छोटे बेटे व जहर से तड़प रहे आरोपी प्रदीप को तुरंत शरतचंद्र चट्टोपाध्याय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
डॉक्टरों के मुताबिक, पिता और पुत्र दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने घर को सील कर दिया है और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में जो तथ्य उभर कर सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि प्रदीप और अपर्णा के बीच पैतृक संपत्ति और शक को लेकर महीनों से कलह चल रही थी। वारदात वाले दिन की सुबह भी दोनों के बीच जमकर तकरार हुई थी, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि शाम ढलते ही प्रदीप कसाई बन जाएगा।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी की मां कृष्णा मुखोपाध्याय को भी हिरासत में लिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस खौफनाक साजिश में परिवार का कोई और सदस्य भी शामिल था। फिलहाल बानीतला इलाके में सन्नाटा पसरा है और हवा में खौफ की गंध है, जो बार-बार यह सवाल पूछ रही है कि आखिर एक सनक के लिए अपनों का खून बहाना कब बंद होगा?