पश्चिम बंगाल में समुद्र में लापता ट्रॉलर बरामद, नौ मछुआरों के शव मिले, छह की तलाश जारी
गंदगी और अतिक्रमण पर जताई भारी नाराजगी, दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
कोलकाता। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद शहरों की सूरत बदलने और प्रशासनिक व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए शुरू हुए विशेष सफाई अभियान के तहत सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। नगर विकास एवं शहरी मामलों की नवनिवुक्त मंत्री अग्निमित्रा पाल ने सोमवार सुबह दक्षिण कोलकाता के प्रसिद्ध गरियाहाट बाजार का औचक निरीक्षण किया। सुबह से हो रही लगातार बारिश के बावजूद मंत्री स्वयं गरियाहाट पहुंचीं और प्रशासनिक अमले के साथ बाजार के चप्पे-चप्पे का जायजा लिया। इस दौरान बाजार परिसर में चारों तरफ फैली गंदगी, अनियंत्रित अतिक्रमण और बदहाल जल निकासी व्यवस्था को देखकर उन्होंने केएमसी के अधिकारियों और स्थानीय व्यापारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। मंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि राज्य में सरकार बदल चुकी है, इसलिए अब बाजारों की पुरानी और लचर तस्वीर को भी हर हाल में बदलना होगा।
केएमसी के आला अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में हुए इस निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बाजार के भीतर कई स्थानों पर डंप कचरा, विशेषकर मछली बाजार में बिखरे पड़े मछलियों के अवशेषों को देखकर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने दुकानों के सामने सड़क और फुटपाथ पर किए गए अतिरिक्त ढांचों और अवैध अतिक्रमण को लेकर दुकानदारों से सीधे सवाल-जवाब किए कि सरकारी भूमि पर इस तरह कब्जा क्यों किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता के रास्ते को रोककर किया जाने वाला अतिक्रमण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, नालियों के मुहानों पर मछलियों के कचरे के कारण पैदा हुए जलजमाव पर उन्होंने निर्देश दिया कि भविष्य में कचरे को पूरी तरह साफ करने के बाद ही पानी बहाया जाए ताकि ड्रेनेज सिस्टम जाम न हो।
फल बाजार समेत पूरे परिसर का मुआयना करने के बाद अग्निमित्रा पाल ने निगम कर्मियों को भी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और नियमित निगरानी रखने की सख्त चेतावनी दी। व्यापारियों को बाजार की स्थिति दुरुस्त करने के लिए 15 दिनों की अंतिम समयसीमा देते हुए मंत्री ने कहा कि इस अवधि के बाद वह दोबारा औचक निरीक्षण करने आएंगी। उन्होंने सचेत किया कि अगले महीने की पहली तारीख से निगम द्वारा जुर्माने की नई और कठोर दरें लागू की जा रही हैं, जिसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। निरीक्षण के अंत में उन्होंने साफ संदेश दिया कि वर्तमान सरकार किसी समूह विशेष के दबाव में नहीं बल्कि आम जनता की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले दिनों में कोलकाता के अन्य प्रमुख बाजारों में भी ऐसा ही कड़ा अभियान चलाया जाएगा।