वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
बंगाल क्या सौतेली मां की संतान है जो केंद्र हमारा पैसा रोकता है : चंद्रिमा भट्टाचार्य
कोलकाता। वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने राजस्थान के जैसलमेर में हुए जीएसटी काउंसिल की 55वी बैठक के दौरान बंगाल के प्रति केंद्र की भेदभाव और राजस्व हिस्सेदारी बढ़ाने का मुद्दा उठाया है। इससे पहले चंद्रिमा यही मुद्दा प्री सेशन के दौरान भी उठाया। उन्होंने सीधे तौर पर शिकायत की है कि सौ दिन का काम, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का फंड रोकना, आवास योजना का फंड रोकना समेत विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में बंगाल के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। अगले साल का बजट तैयार करने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बैठक की थी। इसी वक्त चंद्रिम ने ये मुद्दा उठा दिया।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में राज्य के वित्त मंत्री राज्य की विभिन्न वित्तीय मांगों को पेश करने के अलावा बंगाल की बदहाली पर भी बात करते दिखी।उन्होंने थोड़ा व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि हम सौतेली मां की संतान नहीं हैं तो फिर बंगाल क्यों वंचित रहेगा? चंद्रिमा की यह बात सुनकर निर्मला बहुत असहज हो गई। बंगाल की बदहाली के बारे में बात करते हुए चंद्रिमा ने कहा कि राज्य के पास अभी विभिन्न क्षेत्रों में केंद्र से करीब 1 लाख 71 हजार करोड़ रुपये बकाए हैं। उदाहरण के तौर पर, उनका तर्क है, केंद्र सरकार ने आवास योजना के तहत बंगाल में कुल 11 लाख घरों को मंजूरी दी। फिर भी केंद्र ने आवास योजना क्षेत्र में कोई पैसा जारी नहीं किया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल का बकाया वसूलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई पत्र लिख चुकी हैं। तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया है। केंद्र सरकार की ओर से दावा किया गया है कि बेनियाम की वजह से बंगाल को आवास योजना का पैसा नहीं दिया जा रहा है। चंद्रिमा ने कहा कि आवास योजना के काम की जांच के लिए राज्य के 27 जिलों में 49 निगरानी टीमें आई हैं। फिर उन्होंने क्या किया?
उन्होंने शिकायत की है कि पश्चिम बंगाल आपदाग्रस्त राज्य होने के बावजूद, बुलबुल, रिमेल सहित कई चक्रवातों के बाद केंद्र से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली। नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना शुरू करने के बावजूद आंगनवाड़ी योजना के लिए आवंटन नहीं बढ़ाने के लिए चंद्रिमा ने केंद्र पर निशाना साधा।