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मंत्री ने लोगों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित मुद्दों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया
कोलकाता। बंगाल सरकार में संसदीय कार्य एवं पर्यटन मंत्री शंकर घोष रविवार सुबह सिलीगुड़ी में एक अलग अंदाज में नजर आए। एक कार्यक्रम से दूसरे कार्यक्रम में जाते समय उन्होंने सड़क किनारे एक छोटे से अस्थायी ठेले पर बैठकर मुरी-घुगनी और उबला अंडा खाया। जब लोगों ने इसकी वजह पूछी तो मंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि भूख लग गई थी।
मंत्री को सड़क किनारे साधारण बेंच पर बैठकर नाश्ता करते देख स्थानीय लोग हैरान रह गए। कई लोगों ने उनके साथ बातचीत की और हालचाल भी पूछा। शंकर घोष ने भी सहजता से लोगों से संवाद किया। राजनीतिक हलकों में शंकर घोष की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में है जो सादगीपूर्ण जीवनशैली और आम लोगों से सीधे जुड़ाव में विश्वास रखते हैं। सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल के लोग उन्हें लंबे समय से जनआंदोलनों और सड़क पर उतरकर लोगों की समस्याओं के लिए संघर्ष करते हुए देखते आए हैं। हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया था। मंत्री बनने के बाद भी आम लोगों से उनका संपर्क बना हुआ है। रविवार की यह घटना भी उसी छवि को और मजबूत करती दिखाई दी।
रविवार को सिलीगुड़ी में आयोजित 'जनता दरबार' कार्यक्रम में भी मंत्री ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में शहर सहित उत्तर बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। मंत्री ने लोगों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित मुद्दों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सड़क किनारे साधारण दुकान पर बैठकर नाश्ता करने की तस्वीरें और चर्चा पूरे शहर में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंत्री का यह व्यवहार उन्हें आम जनता के और करीब लाता है।
मंत्री को इस तरह आम लोगों के बीच बैठकर नाश्ता करते देख राहगीर हैरान रह गए। कई लोग रुककर उन्हें देखने लगे, तो कई ने आगे बढ़कर उनसे बातचीत भी की। शंकर घोष ने भी सभी से सहजता के साथ मुलाकात की और हालचाल जाना। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, शंकर घोष हमेशा से जमीनी स्तर की राजनीति से जुड़े रहे हैं। मंत्री बनने के बाद भी उनका आम जनता से जुड़ाव और सादगी भरा व्यवहार लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश देता है।