पश्चिम बंगाल में समुद्र में लापता ट्रॉलर बरामद, नौ मछुआरों के शव मिले, छह की तलाश जारी
मामले पर मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ मंत्री शोभनदेब चटर्जी के खिलाफ सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मंत्री रहते हुए भी वह एक निजी बिजली कंपनी के कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं, जिससे गंभीर हितों का टकराव पैदा होता है।
यह याचिका कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ के सामने प्रस्तुत की गई, जिसने इसे स्वीकार करते हुए मंगलवार को तात्कालिक सुनवाई तय की है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि नियमों के अनुसार केंद्र या राज्य, किसी भी स्तर का मंत्री किसी श्रमिक संघ या कर्मचारी संगठन का पदाधिकारी नहीं हो सकता। इसके बावजूद खड़दह से तृणमूल विधायक और राज्य के संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेब चटर्जी एक निजी बिजली कंपनी के कर्मचारी संगठन का शीर्ष पद संभाले हुए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस मुद्दे की कई बार जानकारी राज्य प्रशासन को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
मामले पर मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर चटर्जी अधिकांश कर्मचारी संगठनों से इस्तीफा दे चुके हैं। दावा किया गया कि किसी सूची में उनका नाम ‘गलती से’ अभी भी मौजूद हो सकता है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मामला अदालत में पहुंचने के बाद मंत्री विधिक प्रक्रिया के जरिए जवाब देंगे।
शोभनदेब चटर्जी तृणमूल कांग्रेस के सबसे पुराने नेताओं में से हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शुरुआती राजनीतिक साथियों में उनकी गिनती होती है। वह पार्टी की स्थापना वर्ष 1998 से ही उसके प्रमुख संगठनात्मक चेहरों में शामिल रहे हैं और कई बार विधानसभा के लिए चुने जा चुके हैं।