हालांकि, पार्टी ने कार्यक्रम जारी रखने की कोशिश की और मिथुन बाकी का रास्ता अपनी कार में बैठकर ही तय करते रहे
कोलकाता। बंगाल में चुनावी पारा चढऩे के साथ-साथ कुदरत के तेवर भी तीखे हो गए हैं। शनिवार को दुर्गापुर में भाजपा के स्टार प्रचारक और दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को भीषण गर्मी के कारण अपना रोड शो बीच में ही छोडऩा पड़ा। दुर्गापुर पश्चिम सीट से भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मण घोड़ुई के समर्थन में निकले 'महागुरु' को तेज़ धूप के कारण असहज महसूस हुआ, जिसके बाद उन्हें सुरक्षा घेरे में अपनी एसी गाड़ी तक ले जाया गया। इस अचानक आए बदलाव से वहां मौजूद हजारों समर्थक और कार्यकर्ता निराश हो गए।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मिथुन चक्रवर्ती का रोड शो कुड़ुरिया भांगा बस स्टैंड से शुरू हुआ था। जैसे ही मिथुन फूलों से सजे खुले ट्रक पर सवार हुए, कार्यकर्ताओं का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। सड़क के दोनों ओर अपने चहेते सितारे की एक झलक पाने के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी। मिथुन भी चिरपरिचित अंदाज में हाथ हिलाकर और हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। लेकिन कुछ ही मिनटों में बैशाख की तपती धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। रोड शो मुश्किल से 200 मीटर ही आगे बढ़ा था कि मिथुन चक्रवर्ती को पसीना आने लगा और वे काफी थके हुए दिखने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उनके ऊपर छाता लगाया, लेकिन उमस और सीधे पड़ रही धूप के कारण उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत महसूस होने लगी। अनहोनी की आशंका को देखते हुए मिथुन ने तुरंत ट्रक से उतरने का फैसला किया। वे भीड़ के बीच से निकलते हुए अपनी वातानुकूलित कार में जाकर बैठ गए। मिथुन के ट्रक से उतरते ही रोड शो की गति थम गई।
हालांकि, पार्टी ने कार्यक्रम जारी रखने की कोशिश की और मिथुन बाकी का रास्ता अपनी कार में बैठकर ही तय करते रहे। उन्होंने कार के भीतर से ही समर्थकों की ओर हाथ हिलाया, लेकिन जो लोग उन्हें खुले ट्रक पर देखने और उनके डायलॉग सुनने के लिए घंटों से प्रतीक्षा कर रहे थे, उनके हाथ केवल मायूसी लगी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे 'महागुरु' के जोश को करीब से देखना चाहते थे, लेकिन मौसम ने खेल बिगाड़ दिया। 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले सभी दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं, लेकिन बंगाल का बढ़ता तापमान अब स्टार प्रचारकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, मिथुन की सेहत को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया क्योंकि वे पहले भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ चुके हैं। फिलहाल, उन्हें आराम की सलाह दी गई है, लेकिन इस घटना ने चुनावी प्रबंधन को गर्मी के मद्देनजर नई रणनीति बनाने पर मजबूर कर दिया है।