वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार डंपर चालक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है
कोलकाता। रिश्तों के बदलते दौर में ममता की एक ऐसी हृदयविदारक मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। हावड़ा के जगतबल्लभपुर इलाके में एक मां ने अपने कलेजे के टुकड़े की जान बचाने के लिए मौत से टक्कर ली और इस कोशिश में अपनी दोनों टांगें गंवा दीं। यह घटना हावड़ा-आमता रोड पर उस समय हुई जब ममता की प्रतिमूर्ति यह महिला अपने छह साल के मासूम बेटे को स्कूल छोडऩे जा रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पार करते समय एक बेकाबू और तेज रफ्तार डंपर उनकी ओर काल बनकर झपटा। मौत को सामने देख मां ने बिना एक पल गंवाए अपने बेटे को जोर से धक्का देकर सड़क के किनारे सुरक्षित फेंक दिया, लेकिन खुद को बचाने का उन्हें मौका नहीं मिला। भारी भरकम डंपर के पहिए महिला के दोनों पैरों को कुचलते हुए निकल गए। मौके पर मची चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोगों ने खून से लथपथ मां को तुरंत जगतबल्लभपुर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से उन्हें गंभीर हालत में कोलकाता रेफर कर दिया गया। कोलकाता के अस्पताल में जीवन-मौत के बीच जूझ रही इस मां के दोनों पैर डॉक्टरों को काटने पड़े हैं, क्योंकि वे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे। अस्पताल के बिस्तर पर बेसुध पड़ी इस मां को अपने पैरों के जाने का गम नहीं, बल्कि इस बात का संतोष है कि उसका बेटा सही-सलामत है। इस साहस और बलिदान की चर्चा पूरे जिले में हो रही है। स्थानीय लोगों ने इसे कलियुग की मां का सबसे बड़ा त्याग बताया है। इधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार डंपर चालक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।