एक करोड़ मुआवजा, केस वापस होंगे; प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP का आंदोलन खत्म
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "गुंडादमन कानून इसलिए बनाया गया है कि ऐसे तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके
कोलकाता। धर्मतला में शुक्रवार को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और मीडिया कर्मियों पर हमले के मामले में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को विधानसभा में चार कुख्यात अपराधियों के नाम सार्वजनिक करते हुए कहा कि ये लोग छात्र नहीं, बल्कि संगठित उपद्रवी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आरोपितों पर हाल ही में पारित पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि इस मामले में अब तक 70 लोगों की पहचान की जा चुकी है। इनमें राजाबागान का अफरोज, खिदिरपुर का नाहिद और इकबालपुर का तनवीर तथा वाटगंज का राहुल जमाल भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग छात्र नहीं हैं, बल्कि हिंसा फैलाने के उद्देश्य से प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
उन्होंने कहा कि धर्मतला हिंसा और पत्रकारों पर हमले के संबंध में सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और सभी मामलों में पब्लिक सेफ्टी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी उपद्रवी को बख्शने वाली नहीं है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "गुंडादमन कानून इसलिए बनाया गया है कि ऐसे तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके। हम ऐसी कार्रवाई करेंगे कि एक नहीं, उनकी तीन पीढ़ियां भी इसे याद रखेंगी। अब राज्य की जनता भी देखेगी कि इस कानून की आवश्यकता कितनी थी।"
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पुलिस को पहले से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर न हो, तब तक बल प्रयोग नहीं किया जाए। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के संयम की सराहना करते हुए कहा कि उकसावे के बावजूद पुलिस ने धैर्य बनाए रखा और कानून-व्यवस्था संभाली।