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पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, आज सुनवाई
कोलकाता। विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद न्यू मार्केट इलाके में बुलडोजर से हुई कथित तोडफ़ोड़ का मामला अब कानूनी रूप ले चुका है। कोलकाता के ऐतिहासिक हॉग मार्केट परिसर में हुई इस घटना के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। अदालत इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को कर सकती है, जिससे इस विवाद में शामिल पक्षों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अदालत में दायर याचिका में न केवल घटना की निंदा की गई है, बल्कि उस समय मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि जिन पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में अवैध तरीके से बुलडोजर चलाया गया और सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, उनकी जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, याचिका में राज्य के अन्य हिस्सों में हो रही इसी तरह की तोडफ़ोड़ की घटनाओं पर भी अदालत से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई गई है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। न्यू मार्केट थाना पुलिस ने बुधवार शाम तक 4 लोगों को पकड़ा था, जिसके बाद देर रात 4 और लोगों को गिरफ्तार किया गया। अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 8 हो चुकी है। कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी विजय रैली में बुलडोजर जैसे भारी वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं थी। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो एजेंसियां या व्यक्ति इस तरह के कामों के लिए मशीनें किराए पर देंगे, उन्हें भी कानूनी परिणाम भुगतने होंगे। 4 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद मंगलवार रात न्यू मार्केट इलाके में भाजपा की विजय रैली के दौरान अचानक तनाव व्याप्त हो गया था। आरोप है कि रैली के दौरान बुलडोजर का इस्तेमाल कर कुछ निर्माणों को निशाना बनाया गया।
हालांकि पुलिस का कहना है कि रैली की अनुमति दी गई थी, लेकिन बुलडोजर ले जाने की बात कहीं नहीं थी। अब सबकी नजरें कलकत्ता हाईकोर्ट पर टिकी हैं। क्या अदालत इस मामले में किसी स्वतंत्र जांच का आदेश देगी या पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करेगी, यह शुक्रवार की सुनवाई के बाद साफ होगा।