अंडा फेंकने की घटनाओं पर कलकत्ता हाई कोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नामांकन केंद्र के पास केवल अधिकृत व्यक्तियों और उम्मीदवारों को ही प्रवेश की अनुमति होगी
कोलकाता। विधानसभा चुनाव के लिए जारी नामांकन प्रक्रिया के बीच कोलकाता की सर्वे बिल्डिंग छावनी में तब्दील हो गई है। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के दौरान समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच हुई गहमागहमी और हंगामे को देखते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी संभावित हिंसक झड़प को रोकने के लिए आयोग ने सर्वे बिल्डिंग और जेशप बिल्डिंग के चारों ओर 2 किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा तैयार किया है। इस नए सुरक्षा आदेश के तहत सर्वे बिल्डिंग की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह नियंत्रित कर दिया गया है। बैरिकेड्स लगाकर पूरे इलाके को सील कर दिया गया है, जिससे यह क्षेत्र एक सुरक्षित किले जैसा नजर आ रहा है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नामांकन केंद्र के पास केवल अधिकृत व्यक्तियों और उम्मीदवारों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, जो हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं।