Please wait
हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में आई टाटा सुमो, 13 लोगों की मौत, दो घायल Sudhir wins historic सरकार के साथ वार्ता के बाद सीजेपी बोली- प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं Sudhir wins historic सरकार के लिखित आश्वासन पर 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन Sudhir wins historic पेपर लीक मामलों के लिए गठित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : प्रधानमंत्री Sudhir wins historic असम में बाढ़ से हालात गंभीर, 11 जिलों की 653164 आबादी प्रभावित, मृतकों की संख्या 44 हुई Sudhir wins historic टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित Sudhir wins historic चर्चा रोकने के लिए शर्तें रखना ठीक नहीं, सरकार किसी मुद्दे से भागती नहीं': किरेन रिजिजू Sudhir wins historic विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित Sudhir wins historic सिक्किम टनल हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 10, ज़हरीली गैस-खराब मौसम के बीच बचाव कार्य जारी Sudhir wins historic यूक्रेन से रवाना वाणिज्यिक पोत पर हमले में चार भारतीयों की मौत, भारत ने रूस के प्रभारी राजदूत को किया तलब Sudhir wins historic

बेलडांगा हिंसा मामले में एनआईए जांच का रास्ता साफ, राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से वापस ली याचिका

इस मामले की अगली सुनवाई भी 30 जून को निर्धारित की गई है

12 Jun 2026

बेलडांगा हिंसा मामले में एनआईए जांच का रास्ता साफ, राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से वापस ली याचिका

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बेलडांगा हिंसा मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। प्रदेश में नई सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय से वापस ले लिया है। पूर्व में तृणमूल कांग्रेस सरकार ने एनआईए जांच के आदेश को चुनौती देते हुए मामला दायर किया था। हालांकि, इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) लागू होगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला उच्च न्यायालय करेगा।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि एनआईए जांच के खिलाफ दायर याचिका वापस ले ली गई है। इसके बाद अदालत ने बेलडांगा हिंसा मामले में एनआईए को 10 दिनों के भीतर एक पूरक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय ने जांच एजेंसी से कहा है कि वह अपनी रिपोर्ट में यह स्पष्ट करे कि उसके पास ऐसे कौन-कौन से नए तथ्य और साक्ष्य आए हैं, जिनके आधार पर इस मामले में यूएपीए की धाराएं लागू करने का औचित्य बनता है। मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी।
सुनवाई के दौरान एनआईए के अधिवक्ता अरुण माइति ने अदालत को बताया कि पिछली सुनवाई में राज्य सरकार को अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया था। इस बीच जांच एजेंसी को कई नए दस्तावेज और महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जो यह संकेत देती हैं कि इस मामले में यूएपीए लागू किया जा सकता है।
अदालत ने एनआईए को अंतिम अवसर देते हुए कहा है कि वह ठोस और तर्कसंगत आधार प्रस्तुत करे कि बेलडांगा हिंसा मामले में यूएपीए लगाने की आवश्यकता क्यों है। जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और तथ्यों के आधार पर उच्च न्यायालय अगली सुनवाई में इस संबंध में निर्णय लेगा।
इसी सुनवाई के दौरान मालदा जिले के मोथाबाड़ी में न्यायाधीशों के घेराव की घटना पर भी कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया। मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल और न्यायमूर्ति पार्थसारथी सेन की खंडपीठ ने एनआईए को मामले की जांच की प्रगति संबंधी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने यह भी जानना चाहा है कि मोथाबाड़ी मामले में जिन आरोपितों को निचली अदालत से जमानत मिली है, उन्हें किन आधारों पर राहत प्रदान की गई। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई भी 30 जून को निर्धारित की गई है।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


बेलडांगा हिंसा मामले में एनआईए जांच का रास्ता साफ
इस मामले की अगली सुनवाई भी 30 जून को निर्धारित की गई है





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News