पटना में मानसून का आगमन होते ही जलजमाव की चिरकालिक चुनौती से निपटने के लिए पटना नगर निगम ने व्यापक तैयारियां की हैं।
पटना में मानसून का आगमन होते ही जलजमाव की चिरकालिक चुनौती से निपटने के लिए पटना नगर निगम ने व्यापक तैयारियां की हैं। संभावित बाढ़ जैसी स्थितियों और सार्वजनिक असुविधा को न्यूनतम करने हेतु, निगम ने 19 त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) का गठन किया है। इन विशेष रूप से प्रशिक्षित टीमों का मुख्य कार्य मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति, विशेषकर जलभराव से त्वरित और प्रभावी ढंग से निपटना है।
प्रत्येक दल को सुरक्षा के अत्याधुनिक उपकरणों जैसे रेनकोट, उच्च-शक्ति वाली टॉर्च, संचार उपकरण और प्राथमिक चिकित्सा किट से सुसज्जित किया गया है। इन टीमों को शहर के विशिष्ट और संवेदनशील क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहाँ वे ड्रेनेज सिस्टम की कार्यप्रणाली, मैनहोल की स्थिति और सभी पंपिंग स्टेशनों की सक्रियता पर निरंतर निगरानी रखेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पानी की निकासी में कहीं भी कोई अवरोध उत्पन्न न हो और शहर की सड़कें तथा रिहायशी इलाके जलमग्न न हों।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने इस पहल पर विशेष जोर देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने संवेदनशील और निचले इलाकों की चौबीसों घंटे निगरानी करने का आदेश दिया है, ताकि बारिश शुरू होते ही बिना किसी विलंब के जल निकासी का कार्य प्रारंभ किया जा सके। आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को मानसून के कारण होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए यह एक अनिवार्य कदम है। निगम का यह सक्रिय दृष्टिकोण आगामी मानसून सत्र के दौरान पटना के निवासियों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे शहर की बुनियादी ढांचागत चुनौतियां प्रभावी ढंग से हल हो सकें। सभी टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय सतर्क और तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।