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मप्र के छिंदवाड़ा सिरप प्रकरण में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी निलम्बित

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर परासिया के सिविल अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को निलंबित कर दिया गया है।

05 Oct 2025

मप्र के छिंदवाड़ा सिरप प्रकरण में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी निलम्बित

छिंदवाड़ा/भोपाल। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में परासिया क्षेत्र के कफ सिरप से 11 बच्चों की मौत के बाद आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार देर रात परासिया थाना में डॉ. प्रवीण सोनी और श्रेसन फार्मास्युटिकल कंपनी (कांचीपुरम, तमिलनाडु) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा बनाई गई स्पेशल पुलिस टीम ने छिंदवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र के राजपाल चौक से डॉक्टर प्रवीण सोनी को देर रात गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर परासिया के सिविल अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को निलंबित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा आय़ुक्त तरुण राठी ने रविवार को डॉ. प्रवीण सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के अनुसार डॉ. सोनी द्वारा निजी प्रैक्टिस के दौरान उपचार के लिए आए शिशुओं के उपचार में गंभीर लापरवाही बरतने और अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा से नहीं करने के परिणामस्वरूप, मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत यह कार्यवाही की गई।

उल्लेखनीय है कि डॉ. सोनी द्वारा निजी प्रैक्टिस के दौरान शिशुओं को ऐसी दवाइयां पर्चे पर लिखी गई, जिसका सेवन करने के बाद शिशुओं को तेज बुखार और पेशाब में कठिनाई हुई तथा शिशुओं की किडनी पर विपरीत प्रभाव पड़ा। इससे कुछ बच्चों की दु:खद मृत्यु हो गई। निलंबन काल में डॉ. सोनी का मुख्यालय, कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर के अधीन किया गया है।

प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीएमओ डॉ. अंकित सल्लाम की शिकायत पर शनिवार देर रात परासिया थाना में डॉ. प्रवीण सोनी और कांचीपुरम तमिलनाडु की दवा निर्माता कंपनी मेसर्स श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के संचालकगण के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105,276 तथा औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 27ए के अंतर्गत एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज की गई है। इसमें 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। इसके बाद शनिवार देर रात पुलिस ने कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है।

छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के कारण बच्चों की मृत्यु की घटना संज्ञान में आने पर कोल्ड्रिफ सिरप के सैम्पल जांच के लिए भेजे गए थे। शनिवार की सुबह जांच रिपोर्ट में नमूने अमान्य पाए गए। इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कोल्ड्रिफ सिरप के विक्रय को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित किया गया, साथ ही इस दवा की प्रदेश में आवाजाही पर सख्त निगरानी के निर्देश भी दिए गए।

बीएमओ डॉ. अंकित सल्लाम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से ले रहा है। बच्चों की मौत की सच्चाई सामने लाने के लिए वैज्ञानिक और चिकित्सकीय दोनों स्तरों पर जांच चल रही है। यदि और किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से अपील है कि बिना डॉक्टरी सलाह के सिरप न दें।

गौरतलब है कि परासिया विकासखंड में किडनी फेल होने से अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है और अभी कई बच्चों का अस्पताल में उपचार जारी है। इनमें एक से पांच साल तक के बच्चे शामिल हैं। इन बच्चों को सर्दी, खांसी और बुखार हुआ था। सभी बच्चों को बाल रोग चिकित्सक डॉ. प्रवीण सोनी ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिया गया था। बच्चों ने दवाई पी और बुखार उतर गया, खांसी ठीक हो गई, लेकिन दो दिन बाद पेशाब बंद हो गई। परिवारवालों ने छिंदवाड़ा से लेकर नागपुर तक इलाज करवाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई। आरोप है कि बच्चों की ऐसी हालत डॉक्टर की लिखी कफ सिरप से हुई, जिसे चार साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं देनी थी। मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 बच्चों की मौतों को दुखद बताते हुए 4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

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