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खुदरा और थोक बाजार में सब्जियों के दाम में जमीन आसमान का अंतर
कोलकाता। त्योहारी सीजन खत्म हो गया हैं लेकिन बाजारों में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे है। प्याज और आलू की बढ़ती कीमतों ने आम जनता को झटका दिया है तो लहसून की कीमत ने तो महिनों से आम लोगों को परेशान कर रखा हैं। इन सब के बीच हरी सब्जियों के दामों में भी तेजी से इजाफा हुआ है।
थोक और खुदरा बाजारों में सब्जियों की कीमतों में बड़ा अंतर साफ दिख रहा है। कीमतों को लेकर आम जनता के बीच नाराजगी बढ़ रही है। इसी पृष्ठभूमि में बाजारों में टास्क फोर्स ने छापा मारा। मंगलवार को टास्क फोर्स ने मानिकतला, बागमारी और गुरुदास मार्केट में छापेमारी की, लेकिन व्यापारियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। बाजार में प्याज 70 से 75 रुपये प्रति किलोग्राम और आलू 35 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है। वहीं, कोले मार्केट जैसे थोक बाजार में प्याज की कीमत 50 से 55 रुपये प्रति किलोग्राम है।
ग्राहकों के मुख से एक ही बात निकल रही है, आलू-प्याज से लेकर सब्जियां— सब कुछ महंगा हो गया है! हम खाएं क्या? थोक और खुदरा बाजारों में कीमतों के बीच अंतर भी ध्यान देने योग्य है, जिस पर लोगों में असंतोष है। साथ ही, टास्क फोर्स की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार को कोलकाता के कुछ बाजारों में टास्क फोर्स ने छापा मारा, लेकिन किसी भी व्यापारी पर कार्रवाई नहीं की। केवल व्यापारियों से बातचीत कर 'संतुष्टÓ हो गए। रवींद्रनाथ कोले के नेतृत्व में टास्क फोर्स ने शहर के तीन बाजारों—मानिकतला, बागमारी और गुरुदास मार्केट में छापा मारा। हर बाजार में सब्जियों और अन्य उत्पादों के दाम में मामूली अंतर पाया गया। कहीं प्याज 70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, तो कहीं 75 रुपये। आलू की कीमत 35 से 40 रुपये प्रति किलो के बीच घूम रही है। अन्य सब्जियों की कीमतें भी ऊंची हैं। हालांकि कोले मार्केट जैसे थोक बाजार में प्याज की कीमत 50 से 55 रुपये प्रति किलो है। यह अंतर क्यों?
रवींद्रनाथ ने बताया कि जो जानकारी मिली है, कोले मार्केट में सोमवार को प्याज 1600 रुपये प्रति बोरी आया है। जबकि मानिकतला जैसे बाजारों के व्यापारी इसे 2700 रुपये प्रति बोरी खरीद रहे हैं। इसलिए दामों में अंतर हो रहा है। टास्क फोर्स के सदस्यों का कहना है, आने वाले तीन-चार दिनों में कीमतें नियंत्रित हो जाएंगी। सभी बाजारों में कम कीमत पर प्याज आएगा और कीमतें गिरेंगी। रविंद्रनाथ कोले ने कहा कि आने वाले तीन-चार दिनों में प्याज और आलू की कीमतों में कमी आने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि कई बाजारों में अभी नई फसल की आवक नहीं हुई है। जैसे ही नई फसलें बाजार में आएंगी, कीमतों में गिरावट होगी। छोटी फूलगोभी 30-35 रुपये में बिक रही है, जिससे आम लोग परेशान हैं। हालांकि, टास्क फोर्स का मानना है कि अगले कुछ दिनों में शीतकालीन सब्जियों की कीमतें कम हो जाएंगी। राज्य में प्याज मुख्य रूप से महाराष्ट्र के नासिक और मध्य प्रदेश से आता है। सितंबर में भारी बारिश के कारण इन राज्यों में प्याज की फसल को नुकसान हुआ, जिससे आपूर्ति में कमी आई और कीमतें बढ़ गईं। मानिकतला बाजार के व्यापारी रामचंद्र साव ने कहा कि हम थोक में जिस कीमत पर खरीदते हैं, उसी पर थोड़ा लाभ रखकर बेचते हैं। टास्क फोर्स को भी यह जानकारी दी गई है। सिर्फ प्याज ही नहीं, आलू की कीमत भी घटने की उम्मीद है। रवींद्रनाथ का दावा है, अभी कई बाजारों में नया आलू नहीं आया है। व्यापारी 30-32 रुपये प्रति किलो की दर से आलू खरीद रहे हैं। लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति बदलेगी। आलू-प्याज के अलावा ठंड के मौसम की सब्जियों की कीमतें भी लोगों को परेशान कर रही हैं। एक छोटा फूलगोभी ही 30-35 रुपये में बिक रहा है। हालांकि, कुछ दिनों में इसकी कीमत कम होने की उम्मीद है। रवींद्रनाथ ने कहा कि अभी बाजार में ठंड की फसल नहीं आई है। तीन-चार दिनों में धीरे-धीरे लगभग सभी बाजारों में ठंड की फसल आने लगेगी, जिससे कीमतें गिरेंगी। टास्क फोर्स का दावा है कि ठंड की सब्जियों में थोक कीमतों और खुदरा कीमतों में बहुत अधिक अंतर नहीं है।