मुख्य आरोपी हारुन और रोहित अब भी पुलिस की पहुंच से दूर
हावड़ा। पिलखाना इलाके में प्रमोटर शफीक खान की दिनदहाड़े हुई नृशंस हत्या के मामले में न्याय की उम्मीद अब सीआईडी पर टिक गई है। राज्य सरकार के निर्देश पर सीआईडी ने इस सनसनीखेज कांड की जांच अपने हाथों में ले ली है, लेकिन वारदात के चार दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी हारुन खान और रोहित हुसैन पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। शनिवार को सीआईडी के डीआईजी इंद्र चक्रवर्ती के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय जांच दल ने पिलखाना स्थित घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया।
टीम ने फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ मृतक के परिजनों और स्थानीय चश्मदीदों से लंबी पूछताछ की है। जांच के शुरुआती चरण में ही सीआईडी और स्थानीय पुलिस के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। हत्या में प्रयुक्त घातक हथियारों को बरामद कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद वाकिल के बउबाजार स्थित आवास पर की गई छापेमारी में पानी की टंकी के भीतर से दो आग्नेयास्त्र और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि 25 फरवरी को शफीक खान की प्वाइंट-ब्लैंक रेंज से हत्या करने के बाद हारुन और रोहित ने वाकिल के घर में ही शरण ली थी और वहीं हथियार छिपाकर फरार हो गए थे।
इस सिलसिले में पुलिस ने मेटियाब्रुज से मोहम्मद असलम नामक एक अन्य आरोपी को भी दबोचा है, जिस पर मुख्य हत्यारों को छिपने में मदद करने का आरोप है। इस हत्याकांड ने अब बंगाल की सियासत में भी उबाल ला दिया है। मुख्य आरोपी हारुन खान की उत्तर हावड़ा के विधायक गौतम चौधरी के साथ कुछ पुरानी तस्वीरें सार्वजनिक होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ दल पर हमला तेज कर दिया है। भाजपा का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण ही मुख्य आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं और उन्हें राज्य से बाहर भागने में मदद मिली है।
हालांकि, विधायक गौतम चौधरी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया है कि वे हारुन को केवल एक स्थानीय निवासी के तौर पर जानते थे और उनका उससे कोई करीबी या व्यावसायिक संबंध नहीं रहा है। दूसरी ओर, मृतक शफीक खान के भाई जाहिर खान और उनके परिवार ने सीआईडी जांच शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया है।
परिजनों का कहना है कि उन्हें स्थानीय पुलिस की जांच पर पूरा भरोसा नहीं था, इसलिए उन्होंने शुरू से ही सीआईडी जांच की मांग की थी। सीआईडी अधिकारियों ने परिवार को आश्वस्त किया है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल, गिरफ्तार तीनों आरोपियों वाकिल, असलम और एक अन्य से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि फरार हारुन और रोहित के संभावित ठिकानों का पता लगाया जा सके। पुलिस की कई टीमें झारखंड और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी दबिश दे रही हैं।