वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
असम की तलाश में सभी दिशाओं में निगरानी बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है
सिलीगुड़ी। दक्षिण दिनाजपुर के इस्लामपुर के पंजीपारा में विचाराधीन कैदी ने दो पुलिस कर्मियों को गोली मारकर घायल कर दिया, जब वे इस्लामपुर अदालत से आरोपियों को ले जा रहे थे।
विचाराधीन कैदी ने पुलिस से सर्विस रिवॉल्वर छीनकर दो पुलिसकर्मियों को गोली मार दी। अचानक गोलियों की आवाज से दहशत फैल गई। दोनों पुलिसकर्मियों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्तमान में उनका इलाज सिलीगुड़ी में चल रहा है। गोली मारने वाले कैदी का नाम सज्जाद आलम बताया जा रहा है और पुलिस ने उसको पकडऩे के लिए दो लाख रूपये का इनाम घोषित कर दिया है। आपको बता दें कि यह घटना बुधवार शाम उत्तर दिनाजपुर के ग्वालपोखर थाना अंतर्गत पंजीपारा कालीबाड़ी इलाके में घटी।
पुलिस के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब आरोपी को इस्लामपुर उप-विभागीय न्यायालय से रायगंज सुधार गृह ले जाया जा रहा था। आरोपी ने पुलिसकर्मियों से शौच के लिए वैन रोकने का अनुरोध किया। आरोपी ने बाथरूम जाते समय गोली चलाई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।दोनों घायल पुलिसकर्मियों को सीने में तीन गोलियां लगीं और उन्हें इस्लामपुर उप-जिला अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद जब उसकी हालत बिगडऩे लगी तो उसे सिलीगुड़ी के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
घटना के बाद उत्तर बंगाल के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजेश कुमार यादव समेत पुलिस के आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उत्तर बंगाल के आईजी ने बताया कि दोनों की हालत स्थिर है। पुलिसकर्मी की हालत स्थिर है और डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। बंदूक आरोपी के कंबल के अंदर रखी हुई थी। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
आईजी उत्तर बंगाल राजीव राजेश कुमार यादव ने बताया कि अब्दुल हुसैन नामक व्यक्ति ने आरोपी सज्जाक आलम को कोर्ट परिसर में हथियार दिया था। हालांकि पुलिस ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि पुलिस की घेराबंदी के दौरान उसे हथियार कैसे दिया गया। उन्होंने बताया कि जिस हथियार का इस्तेमाल उन पर हमला करने के लिए किया गया था, वह उनके पास नहीं था। हमला जिस बंदूक से किया गया वह पुलिसकर्मी की बन्दूक नहीं थी।
उन्होंने कहा कि जिस 7.6 बोर की बंदूक का इस्तेमाल किया गया, वह प्रतिबंधित बोर की नहीं थी। पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सभी हथियार प्रतिबंधित हैं। इस बात की जांच चल रही है कि आरोपी तक बंदूक कैसे पहुंची। असम की तलाश में सभी दिशाओं में निगरानी बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।