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सुरुचि संघ में पुलिस का 'मेगा सर्च'

केंद्रीय बलों की घेराबंदी के बीच खंगाला गया क्लब

09 Jun 2026

सुरुचि संघ में पुलिस का 'मेगा सर्च'

कोलकाता। पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास और उनके गिरफ्तार भाई स्वरूप विश्वास से जुड़े मामलों की जांच ने अब एक बेहद आक्रामक और बड़ा रूप ले लिया है। मंगलवार की दोपहर दक्षिण कोलकाता के बेहद हाई-प्रोफाइल और चर्चित सुरुचि संघ क्लब में उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस की कई गाडिय़ां गिरफ्तार स्वरूप विश्वास को अपने साथ लेकर वहां आ धमकीं। पुलिस के इस बड़े एक्शन से ठीक पहले पूरे इलाके को केंद्रीय सुरक्षा बलों ने अपने कड़े घेरे में ले लिया था, जिससे आसपास के क्षेत्र में भारी तनाव और हलचल पैदा हो गई। जांच अधिकारी इस कद्दावर राजनीतिक परिवार की बेनामी गतिविधियों और छिपे हुए सबूतों को बाहर निकालने के लिए कई घंटों तक क्लब परिसर के कोने-कोने को खंगालते रहे।
सुरुचि संघ क्लब राज्य की हाई-प्रोफाइल दुर्गा पूजा और भव्य सामाजिक आयोजनों के लिए देश भर में मशहूर रहा है, लेकिन हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद अब यह सीधे तौर पर गंभीर आपराधिक जांच के दायरे में आ चुका है। जांच एजेंसियों को पुख्ता अंदेशा है कि विश्वास बंधुओं के राजनीतिक और आर्थिक साम्राज्य का एक बड़ा हिस्सा इसी क्लब के बंद कमरों से संचालित किया जा रहा था। राज्य के हालिया चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त के बाद से ही इस रसूखदार परिवार के खिलाफ लोगों का गुस्सा लगातार फूट रहा है। पिछले हफ्ते ही सैकड़ों स्थानीय निवासियों ने क्लब के सामने हिंसक प्रदर्शन करते हुए उसके मुख्य गेट का ताला तोड़ दिया था और परिसर के भीतर दाखिल हो गए थे।
उस दौरान क्लब के भीतर घुसे स्थानीय लोगों ने जो देखा, उसने सभी को हैरान कर दिया। लोगों के मुताबिक, क्लब की ऊपरी मंजिल पर एक ऐसा गुप्त कमरा मौजूद था जो किसी फाइव-स्टार होटल के सुइट जैसा था। वहां एक आलीशान किंग-साइज़ बेड, बेहद महंगे विदेशी फर्नीचर, आधुनिक एयर कंडीशनर और एक लग्जरी वॉशरूम बना हुआ था। आम जनता का आरोप है कि किसी सामाजिक क्लब में ऐसी राजशाही व्यवस्था होना साफ तौर पर काली कमाई की तरफ इशारा करती है। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने दावा किया कि क्लब के भीतर सरकारी राहत सामग्री का भारी दुरुपयोग हो रहा था, जहां बड़ी मात्रा में सरकारी प्राणधारा पेयजल की बोतलें और गरीबों में बांटने के लिए आई सरकारी साडिय़ां डंप करके रखी गई थीं। इतना ही नहीं, यह आरोप भी सामने आया है कि जिस कीमती जमीन पर यह पूरा क्लब खड़ा है, वह असल में भारतीय जीवन बीमा निगम की है, जिस पर दबंगई के दम पर अवैध कब्जा किया गया था।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और सनसनीखेज मोड़ सोमवार की देर रात तब आया, जब पुलिस ने न्यू अलीपुर इलाके में स्थित अरूप और स्वरूप विश्वास के एक फ्लैट पर छापा मारा। वहां जांचकर्ताओं को एक रहस्यमयी कमरा मिला, जिसके दरवाजे पर एक आधुनिक डिजिटल सिक्योरिटी लॉक लगा हुआ था। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद जब तकनीकी विशेषज्ञों ने उस डिजिटल लॉक को तोड़ा, तो अंदर का नजारा देखकर खुद पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। उस गुप्त कमरे से पुलिस ने एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 14 चालू मोबाइल फोन, दो महंगे आईपैड और भारी मात्रा में बेहद संवेदनशील दस्तावेज़ बरामद किए।
पुलिस सूत्रों का मानना है कि एक ही गुप्त कमरे में इतने सारे मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों को छिपाकर रखना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि बरामद दस्तावेजों का सीधा संबंध टॉलीवुड और कई सांस्कृतिक संगठनों में चलने वाले अवैध सिंडिकेट और वसूली के खेल से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब इन सभी 14 मोबाइलों के डेटा को रिकवर करने और उनकी कॉल डिटेल्स खंगालने में जुट गई है। दूसरी तरफ, फोन का टावर लोकेशन गायब कर पूरी तरह अंडरग्राउंड हो चुके पूर्व मंत्री अरूप विश्वास की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। सुरुचि संघ में हुए इस मेगा सर्च ऑपरेशन के बाद अब बंगाल की राजनीति में नए खुलासे होने की उम्मीद और तेज हो गई है।

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