डीएनए जांच के बाद ही मृतकों की सही संख्या की पुष्टि हो सकेगी
कोलकाता। आनन्दपुर अग्निकांड को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को सैकड़ों समर्थकों के साथ नरेंद्रपुर में रैली निकाली। इस दौरान एक लोकप्रिय फूड चेन के मालिकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इस हादसे में कई मजदूरों की मौत हुई है।
भाजपा नेता अमित मालवीय ने शुभेंदु अधिकारी का समर्थन करते हुए इस आग को “मानव-निर्मित आपदा” करार दिया। उनका आरोप है कि बिना अग्नि-सुरक्षा मानकों के चल रहे अवैध गोदामों की वजह से यह हादसा हुआ। आग 26 जनवरी की तड़के नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र के नाजिराबाद इलाके में मोमो निर्माण इकाई और एक डेकोरेटर के गोदाम में लगी थी।
रैली को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस इस त्रासदी के जिम्मेदार लोगों को बचा रही है। उन्होंने कहा कि घटना के पांच दिन बाद भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घटनास्थल पर नहीं पहुंचीं, जबकि अब भी राहत और खोज अभियान जारी है। शुभेंदु अधिकारी ने फूड चेन के एक मालिक की कथित तस्वीर भी दिखाते हुए दावा किया कि वह पहले मुख्यमंत्री के साथ विदेश दौरे पर गए कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा था, हालांकि "हिन्दुस्थान समाचार" इस तस्वीर की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केवल एक डेकोरेटर फर्म के मालिक और फूड चेन के दो जूनियर अधिकारियों की गिरफ्तारी से न्याय नहीं होगा। कंपनियों के शीर्ष पर बैठे लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। पीड़ित परिवारों को न्याय चाहिए।
उन्होंने अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस के इस्तीफे की मांग करते हुए आग में लापता लोगों की सूची सार्वजनिक करने की भी मांग की। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सोमवार को हाईकोर्ट का रुख कर लापता लोगों के नाम और विवरण सार्वजनिक कराने की मांग की जाएगी। साथ ही, मृतकों के परिजनों के लिए घोषित 10 लाख रुपये मुआवजा को अपर्याप्त बताते हुए प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश उपाअध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा इस घटना को लेकर राजनीति कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पीड़ित परिवारों के साथ हैं और राहत कार्यों को बाधित नहीं करना चाहतीं।
पुलिस के अनुसार, अब तक घटनास्थल से 21 जले हुए और कंकाल जैसे अवशेष बरामद किए गए हैं। डीएनए जांच के बाद ही मृतकों की सही संख्या की पुष्टि हो सकेगी।