उन्होंने जोर देकर कहा कि तमाम उत्पीड़न के बावजूद भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा और बंगाल में बदलाव अपरिहार्य है
झाड़ग्राम। पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बनाए जाने का आरोप एक बार फिर सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया है ममता बनर्जी सरकार के अधीन पुलिस तंत्र द्वारा भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं को वर्षों से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल में पुलिस और प्रशासन का उपयोग कर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
एक मामले की सुनवाई के सिलसिले में झाड़ग्राम अदालत पहुंचे दिलीप घोष ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वर्ष 2016 में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं द्वारा झूठे आरोप लगाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। उन पर आग्नेयास्त्र दिखाकर धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया। हालांकि बाद में अदालत की कड़ी फटकार के बाद पुलिस को आर्म्स एक्ट की धाराएं हटानी पड़ीं, लेकिन धमकी देने से जुड़ी धाराएं अब भी कायम हैं।
दिलीप घोष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “गणतंत्र-विरोधी, अदालत-विरोधी और संविधान-विरोधी इस सरकार के दमन के बावजूद हम बंगाल में परिवर्तन की लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि तमाम उत्पीड़न के बावजूद भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा और बंगाल में बदलाव अपरिहार्य है।
कोर्ट परिसर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मामले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए नारे लगाए और राज्य में लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प दोहराया।