वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई और थाना परिसर के बाहर का इलाका रणक्षेत्र बन गया
कोलकाता। चुनाव की आहट के साथ ही महानगर के दक्षिणी छोर पर स्थित नेताजीनगर इलाके में राजनीतिक पारा उबल पड़ा है। शनिवार शाम दीवार लेखन को लेकर शुरू हुआ विवाद रविवार को हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। नेताजीनगर थाना के ठीक सामने तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर चले और लाठी-डंडे लहराए गए, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। झड़प की शुरुआत शनिवार शाम उस वक्त हुई जब भाजपा ने आरोप लगाया कि उनकी आरक्षित दीवार पर तृणमूल कार्यकर्ताओं ने जबरन अपना चुनाव प्रचार लिख दिया है। इसी के विरोध में रविवार सुबह जब भाजपा समर्थक थाने के सामने विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद तृणमूल कार्यकर्ताओं के साथ उनकी कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई और थाना परिसर के बाहर का इलाका रणक्षेत्र बन गया।
भाजपा नेतृत्व ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर सत्ताधारी दल को जिम्मेदार ठहराया है। झड़प की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों गुटों के बीच बैरिकेडिंग कर उन्हें अलग किया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद स्थिति को काबू में किया जा सका। एहतियात के तौर पर नेताजीनगर और आसपास के संवेदनशील मोड़ों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे मतदान की तारीखें नजदीक आएंगी, इस तरह की जमीनी झड़पें और बढ़ सकती हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए हिंसा भड़काने वालों की पहचान की जा रही है। रविवार की इस घटना ने आगामी चुनावों के मद्देनजर प्रशासनिक सतर्कता पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।