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ऐप पर हर दुर्घटना का पूरा ब्योरा अपलोड करना अनिवार्य, मुआवजा प्रक्रिया में आएगी तेजी
कोलकाता। कोलकाता की सड़कों पर होने वाले हादसों की जांच को अब अत्यधिक आधुनिक, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार ने एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शहर में होने वाली हर छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटना की जांच प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अब सभी ट्रैफिक गार्डों और जांच अधिकारियों के लिए एक कड़ा दिशा-निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत किसी भी हादसे की विस्तृत जानकारी, दुर्घटना के सटीक कारण, सड़क की स्थिति और आरोपी चालक का पूरा विवरण तुरंत एक केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।
लालबाजार में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह सख्त निर्देश जारी किया गया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही और मौके पर पहुँचते ही जांच अधिकारियों को 'इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट' ऐप या वेब पोर्टल पर सारी जानकारियां दर्ज करनी होंगी। उल्लेखनीय है कि यह डिजिटल प्रणाली सीधे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के 'इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस' के साथ जुड़ी हुई है, जिससे केंद्र व राज्य की तमाम जांच एजेंसियां एक ही नेटवर्क से जुड़ जाती हैं।
इस नई और अनिवार्य व्यवस्था के अंतर्गत अधिकारियों को दुर्घटनास्थल की सटीक जियो-टैगिंग, हादसे के संभावित तकनीकी व मानवीय कारण, उस समय सड़क की स्थिति, मौसम और रोशनी (दृश्यता) की व्यवस्था, दुर्घटना का समय, संबंधित वाहनों का पूर्ण विवरण, हादसे में घायल या मृत व्यक्तियों की जानकारी तथा आरोपी चालक का पूरा ब्योरा डिजिटल फॉर्म में अपलोड करना होगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल रिकॉर्डिंग का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अस्पताल, सड़क निर्माण प्राधिकरण और बीमा कंपनियों को घटना से जुड़ी हर आवश्यक और प्रामाणिक जानकारी एक क्लिक पर तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। इससे सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और घायलों को मिलने वाले कानूनी मुआवजे की प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी आएगी। साथ ही, कागजी रिपोर्ट में होने वाली देरी और फर्जी या गलत मुआवजा दावों पर भी पूरी तरह से लगाम लग सकेगी।
गौरतलब है कि इस डिजिटल ऐप की शुरुआत लगभग ढाई साल पहले की गई थी, लेकिन लगातार सख्त निगरानी और समन्वय की कमी के कारण शहर के कई थानों व ट्रैफिक गार्डों में इसका नियमित इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। हालांकि, अब लालबाजार ने ढुलमुल रवैये पर विराम लगाते हुए सख्त हिदायत दी है कि किसी भी हादसे का डेटा तत्काल अपलोड न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल और हाईटेक होने जा रही है।