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नवान्न में सचिवों की क्लास, तारातल्ला हादसे पर सख्त

तीन महीने का मांगा रोडमैप, 2 जुलाई को फिर बैठक

25 Jun 2026

नवान्न में सचिवों की क्लास, तारातल्ला हादसे पर सख्त

कोलकाता। राज्य विधानसभा में बजट पेश होने के ठीक बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अब पूरी तरह प्रशासनिक सुधार और योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए एक्शन मोड में आ गए हैं। गुरुवार को राज्य के प्रशासनिक मुख्यालय नवान्न में विभिन्न विभागों के सचिवों के साथ हुई एक हाई-प्रोफाइल बैठक में मुख्यमंत्री ने तीखे तेवर दिखाते हुए साफ कर दिया कि अब फाइलों की सुस्ती नहीं चलेगी। उन्होंने सभी विभागों के आलाधिकारियों को जुलाई से सितंबर तक के आगामी तीन महीनों का एक बेहद व्यावहारिक और परिणाम-उन्मुख रोडमैप तैयार करने का कड़ा निर्देश दिया है। सीएम ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि योजनाएं केवल कागजों की शोभा बढ़ाने के लिए नहीं हैं, बल्कि उनका समयबद्ध क्रियान्वयन कर सीधे जनता को लाभ पहुंचाना प्रशासनिक अधिकारियों की पहली जिम्मेदारी होगी। 
नवान्न के सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इस बैठक में नौकरशाही की जवाबदेही तय करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया। उन्होंने कहा कि जुलाई, अगस्त और सितंबर के लिए जो भी लक्ष्य निर्धारित किए जाएं, वे ऐसे होने चाहिए जिन्हें तय समय के भीतर पूरा किया जा सके। योजनाओं में स्पष्ट रूप से प्राथमिकताएं तय करने का आदेश देते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं नियमित रूप से इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों की ढिलाई को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि योजनाएं बनाकर उन्हें अधर में छोडऩे की आदत अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस तीन महीने की कार्ययोजना की समीक्षा के लिए आगामी 2 जुलाई को नवान्न में दोबारा एक बड़ी बैठक बुलाई गई है, जहां सभी विभागों के सचिवों को अपनी-अपनी विस्तृत ब्लूप्रिंट के साथ खुद मुख्यमंत्री के सामने अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। 
प्रशासनिक बैठक के समानांतर, तारातल्ला में हुए भीषण गोदाम हादसे की गूंज नवान्न से लेकर विधानसभा तक सुनाई दी। बंदरगाह प्राधिकरण की जमीन पर बेहरा ब्रदर्स द्वारा बनाए जा रहे निर्माणाधीन गोदाम के मलबे में अभी भी जिंदगी की तलाश जारी है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और दमकल विभाग की संयुक्त टीमें अत्यधिक सावधानी के साथ युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। गोदाम का जो हिस्सा अब तक पूरी तरह जमींदोज नहीं हुआ है, वह भी बेहद खतरनाक स्थिति में है, जिसे गिरने से रोकने के लिए विशालकाय हाइड्रोलिक क्रेन का सहारा दिया गया है। राहतकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे के नीचे फंसे संभावित जीवित लोगों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
इस दर्दनाक हादसे पर विधानसभा के भीतर बोलते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी बेहद भावुक और उतने ही सख्त नजर आए। उन्होंने सदन में वक्तव्य देते हुए इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि बुधवार को तारातल्ला में निर्माणाधीन गोदाम के ढहने की इस दुखद घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के बेहतर इलाज के लिए राज्य सरकार की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। 
सदन के माध्यम से मुख्यमंत्री ने भ्रष्ट बिल्डरों और लापरवाह अधिकारियों को एक बड़ा और कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि इस हादसे की जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी जानलेवा लापरवाही करने वालों को कानून के तहत सबसे कठोर सजा दिलाई जाएगी। बजट के तुरंत बाद मुख्यमंत्री की यह प्रशासनिक कड़ाई और तारातल्ला कांड पर उनकी चौतरफा सख्ती यह साफ बयां करती है कि शुभेंदु सरकार अब राज्य के विकास और जनता की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है।

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