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बिपत्तारिणी का लाल धागा देखकर आतंकियों ने मारी आईबी अधिकारी को गोली, बेटे को भी बनाया था निशाना

कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम इलाके में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में पुरुलिया जिले के झालदा निवासी आईबी अधिकारी मनीष रंजन मिश्रा की बर्बर हत्या कर दी गई

25 Apr 2025

बिपत्तारिणी का लाल धागा देखकर आतंकियों ने मारी आईबी अधिकारी को गोली, बेटे को भी बनाया था निशाना

कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम इलाके में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में पुरुलिया जिले के झालदा निवासी आईबी अधिकारी मनीष रंजन मिश्रा की बर्बर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि हमले के पीछे एक धार्मिक प्रतीक "बिपत्तारिणी देवी का लाल धागा" कारण बन गया।

मंगलवार की दोपहर को अनंतनाग के बैसारन इलाके में पर्यटकों की चहल-पहल थी। कोई घुड़सवारी कर रहा था, तो कोई झुंड में बैठकर बातें कर रहा था। तभी अचानक आतंकियों ने एके-47 से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। मनीष रंजन मिश्रा उस समय घोड़े से उतर चुके थे और लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे थे। तभी एक आतंकी की नजर उनके हाथ में बंधे लाल धागे पर पड़ी, जिसे वे बिपत्तारिणी देवी का प्रतीक मानते थे। इसी के बाद आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाते हुए गोलियों से छलनी कर दिया।

घटना के समय मनीष रंजन की पत्नी जया मिश्रा कुछ दूरी पर थीं। उनके साथ 12 वर्षीय बेटा समृद्ध और छह वर्षीय बेटी भी मौजूद थी। आतंकियों ने मनीष रंजन को गोली मारने के बाद बेटे को भी निशाना बनाना चाहा, लेकिन जया बच्चों को लेकर जान बचाकर भागी। वह नजदीक की एक दुकान में छिप गईं और बाद में बच्चों को लेकर जंगल में चली गईं। कुछ घंटों बाद सेना ने उन्हें खोज निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया।

घटना की जानकारी मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मनीष रंजन के छोटे भाई बिनीत मिश्रा, जो बांकुरा में आबकारी विभाग में कार्यरत हैं, ने बताया कि भाभी ने रोते हुए फोन पर सिर्फ इतना कहा, “हबी को गोली मार दिए।”

गुरुवार को पुरुलिया में राजकीय सम्मान के साथ मनीष रंजन का अंतिम संस्कार किया गया। उनके छोटे भाई बिनीत ने मुखाग्नि दी क्योंकि बेटा समृद्ध रोते-रोते बेहोश हो गया और श्मशान में पिता को मुखाग्नि देने की स्थिति में नहीं था। उनकी बहन स्नेहा ने कहा, “भाभी बता रही थीं कि मनीष रंजन को गोली मारने के बाद समृद्ध को भी निशाना बनाया गया। बच्चों को गोद में लेकर भागने के कारण ही वे दोनों बच पाए।”

हमले के 72 घंटे बाद भी जया मिश्रा सदमे में हैं और बार-बार बेहोशी की हालत में वही बातें दोहराए जा रही हैं। बच्चों की हालत भी बेहद खराब है।
 

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