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डीडीन्यूज ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर अपनी शोक संवेदना में कहा, अत्यंत वेदना और गहरे शोक के साथ हम सूचित करते हैं कि दूरदर्शन की सम्मानित और अत्यंत प्रिय समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का आज निधन हो गया।
नई दिल्ली। दूरदर्शन की वरिष्ठ समाचार प्रस्तोता सरला माहेश्वरी का गुरुवार को यहां निधन हो गया। वह 71 वर्ष की थीं। वरिष्ठ समाचार वाचक और माहेश्वरी के मित्र शम्मी नारंग ने उनके निधन की पुष्टि की।
नारंग ने एक्स पोस्ट में कहा कि 1980-1990 के दशक में घर-घर में पहचाने जाने वाला यह चेहरा (सरला माहेश्वरी) अब यादों में सिमट गया है।
डीडीन्यूज ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर अपनी शोक संवेदना में कहा, अत्यंत वेदना और गहरे शोक के साथ हम सूचित करते हैं कि दूरदर्शन की सम्मानित और अत्यंत प्रिय समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का आज निधन हो गया। टीवी पर सबसे सरल, सबसे सौम्य और सबसे समझदार चेहरा अब हमारे बीच नहीं रहा। वो चेहरा जो हर शाम शांत स्वर में, सटीक उच्चारण के साथ, बिना किसी दिखावे के समाचार पढ़ता था और पूरे देश के घर-घर में विश्वास और गरिमा का संचार करता था। सरला जी दूरदर्शन के उस दौर की प्रतीक थीं, जब समाचार सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि एक संस्कार होता था। 1980 के दशक से 2005 तक उन्होंने लाखों-करोड़ों दर्शकों को हर शाम समाचार दिए। उनकी सादगी भरी साड़ी, सीधा पल्लू, चेहरे पर झलकती सज्जनता और आँखों में छिपी गहराई ने उन्हें हर दिल में बसाया। राजीव गांधी जी की असामयिक मृत्यु की खबर उन्होंने ही पूरे राष्ट्र को दी थी। उन पलों में भी उनकी आवाज में वही शांति और संयम था, जो उन्हें अलग पहचान देता था।डीडीन्यूज ने कहा, "सरला जी ने हमें सिर्फ समाचार नहीं दिए- उन्होंने सादगी, धैर्य, शालीनता और सच्चाई का पाठ पढ़ाया। उनके सामने आकर आज की चीख-चिल्लाती, सनसनीखेज खबरें भी छोटी पड़ जाती थीं। वे वो आवाज थीं जिसे सुनकर माता-पिता शांत होकर समाचार सुनते थे, बच्चे सीखते थे और पूरा परिवार एकजुट होता था। आज उनके जाने से एक पूरा युग समाप्त हो गया है। वो दौर लौटकर नहीं आएगा जब टीवी पर एक सौम्य चेहरा आता था और पूरा देश चुपचाप सुनता था। हम उनके परिवार, पति पवन माहेश्वरी जी और समस्त परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं। ईश्वर उन्हें इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दें।"
उल्लेखनीय है कि सरला माहेश्वरी उस दौर की पत्रकारिता का हिस्सा थीं जब समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि भाषा और शिष्टाचार का मानक हुआ करते थे। स्पष्ट उच्चारण शैली और शांत स्वभाव ने उन्हें करोड़ों दर्शकों का चहेता बनाया था। शम्मी नारंग और सरला माहेश्वरी की जोड़ी ने लंबे समय तक दूरदर्शन पर समाचार जगत का नेतृत्व किया।