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जून माल्या शूटिंग में व्यस्त तो शायनी कोलकाता से बाहर
कोलकाता। तृणमूल के भीतर मची अंदरूनी बगावत और टूट की अटकलों के बीच मंगलवार को धर्मतला के वाई चैनल में आयोजित ममता बनर्जी के महाधरने ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। पार्टी के इस संकट काल में जहां फिरहाद हकीम, कुणाल घोष और मदन मित्रा जैसे गिने-चुने नेता ही मंच पर डटे दिखे, वहीं तृणमूल के कई कद्दावर चेहरों और स्टार सांसदों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में नए सवालों को हवा दे दी है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से दूरी बनाने वाले नेताओं ने अब अपनी अनुपस्थिति को लेकर अजीबोगरीब सफाइयां देना शुरू कर दिया है, जिसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
सबसे ज्यादा चर्चा जादवपुर से तृणमूल सांसद सायनी घोष की अनुपस्थिति को लेकर हो रही है। पार्टी की मुखर युवा नेता सायनी ने सफाई दी कि वे फिलहाल कोलकाता से बाहर हैं और 9 जून को लौटेंगी, इसलिए धरने में शामिल नहीं हो सकीं। वहीं, ममता बनर्जी के हर आंदोलन में आगे रहने वाली मेदिनीपुर की सांसद और अभिनेत्री जून मालिया ने अपनी गैरहाजिरी की वजह पेशेवर व्यस्तता को बताया। उनका कहना था कि वे बनतला में एक वेब सीरीज की शूटिंग में बिजी थीं। इसी तरह कोचबिहार के नेता जगदीश बासुनिया और उनकी विधायक पत्नी संगीता बासुनिया ने दिल्ली में होने का तर्क दिया, तो तृणमूल नेता मिताली बाग ने गाड़ी खराब होने और टैक्सी न मिलने का अनोखा बहाना सामने रख दिया।
इस फेहरिस्त में सबसे चौंकाने वाला नाम विधायक शिउली साहा का रहा। हाल ही में उन्हें पार्टी से निष्कासित बागी विधायकों के साथ गुप्त बैठक करते देखा गया था, जिसके बाद से उनके पाला बदलने की अटकलें तेज हैं। हालांकि, उन्होंने घरेलू काम की व्यस्तता का हवाला देकर मामले को शांत करने की कोशिश की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सामान्य दिनों में इन अनुपस्थितियों का कोई खास मतलब नहीं निकाला जाता, लेकिन हस्ताक्षर फर्जीवाड़े और सीआईडी जांच से जूझ रही तृणमूल के मौजूदा दौर में हर एक नेता की दूरी पार्टी के भीतर की गहरी दरार को बयां कर रही है। हालांकि, नेतृत्व इसे व्यक्तिगत कारण बता रहा है, लेकिन विपक्ष को तृणमूल की इस खिसकती जमीन पर तंज कसने का पूरा मौका मिल गया है।