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मुझे घर से निकालकर राजनीतिक बाजार में उछाला: वैशाखी
कोलकाता। बंगाल की राजनीति में कभी सबसे बड़े विमर्श का केंद्र रहे शोभन चट्टोपाध्याय और वैशाखी बनर्जी एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। राज्य में हुए ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन और तृणमूल की करारी हार के बाद वैशाखी बनर्जी ने एक इंटरव्यू में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, फिरहाद हाकिम और तृणमूल नेतृत्व के खिलाफ गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी है। वैशाखी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके और शोभन चट्टोपाध्याय के व्यक्तिगत संबंधों को राजनीतिक हथियार बनाकर उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। उन्होंने साफ कहा कि हमने कभी अपने रिश्ते को नहीं छिपाया और आपसी सहमति से तत्कालीन पार्टी नेतृत्व को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निजी जीवन को जानबूझकर सार्वजनिक बहस और तमाशे का मुद्दा बना दिया। उन्हें घर की चारदीवारी से निकालकर सरेआम राजनीतिक बाजार में खड़ा कर दिया गया।
वैशाखी बनर्जी ने दावा किया कि शोभन चट्टोपाध्याय को कोलकाता के महापौर पद से हटाने के पीछे एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश थी। उन्होंने सीधे तौर पर फिरहाद हाकिम पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हीं की साजिश के चलते शोभन को किनारे किया गया और उनके सामने पार्टी या वैशाखी में से किसी एक को चुनने का अमानवीय दबाव बनाया गया। तृणमूल की वर्तमान दुर्दशा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की यह शर्मनाक हालत नेतृत्व के गलत फैसलों का नतीजा है। वैशाखी ने यह भी आरोप लगाया कि शोभन चट्टोपाध्याय और वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी दोनों ने ही एक समय पार्टी के भीतर चुनावी रणनीतिकारों और कॉरपोरेट ढांचे की दखलंदाजी का कड़ा विरोध किया था, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। बातचीत के दौरान वैशाखी ने अरूप विश्वास और अभिनेत्री अनन्या चट्टोपाध्याय के संबंधों को लेकर भी कई बंद पन्ने खोले। उन्होंने आरोप लगाया कि अनन्या ने उनके निजी जीवन में दखल देने की कोशिश की थी और एक फिल्म प्रीमियर के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने अरूप विश्वास से भी की थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता बदलते ही वैशाखी बनर्जी का यह विस्फोटक बयान तृणमूल के बचे-खुचे हौसलों को पस्त करने वाला है।