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'हे वीर, तुम्हें मिस कर रहे हैं, आओ'!
कोलकाता। फालता विधानसभा उपचुनाव को लेकर दक्षिण 24 परगना जिले में राजनीतिक पारा पूरी तरह चढ़ चुका है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा तृणमूल उम्मीदवार को कड़ी चेतावनी दिए जाने के ठीक अगले ही दिन अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने सीधे अभिषेक बनर्जी को अपने निशाने पर ले लिया है। भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए शमिक ने बेहद आक्रामक और व्यंग्यात्मक शैली में अभिषेक पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने फालता के चुनावी दंगल से टीएमसी के बड़े नेताओं की दूरी पर सवाल उठाते हुए चुटीले अंदाज में कहा कि हे वीर, तुम्हें हम मिस कर रहे हैं, तुम आओ।
शमिक ने अपनी सभा में दावा किया कि बंगाल की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच अब फालता की सड़कों पर न तो पहले जैसा पुलिस का दबदबा दिख रहा है और न ही सत्ता के बड़े काफिलों की हनक। अभिषेक को सीधे चुनौती देते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि अगर वे फालता में चुनाव प्रचार के लिए आते हैं, तो भाजपा कार्यकर्ता खुद उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं। शमिक ने तृणमूल की वर्तमान सांगठनिक स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि जो नेता पहले चुनाव के दौरान विरोधियों के सामने डीजे बजाने जैसे बड़े-बड़े दावे और डराने-धमकाने की बातें करते थे, वे आज पूरी तरह शांत हो चुके हैं और जनता के बीच आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
चुनावी मंच से शमिक ने अल्पसंख्यक समुदाय को भी एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा संदेश देने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा का आम नागरिकों से कोई टकराव नहीं है और अल्पसंख्यक समाज के लोगों को भी इस देश को पूरी तरह अपना मानकर मुख्यधारा के विकास के साथ आगे बढऩा चाहिए। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कड़े लहजे में यह चेतावनी भी दी कि चुनाव के दौरान या बाद में जिन लोगों ने भी क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को बिगाडऩे या डराने-धमकाने की कोशिश की, उनके खिलाफ नई सरकार की ओर से बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रोजगार के मुद्दे पर तृणमूल सरकार की पुरानी नीतियों को घेरते हुए भाजपा नेता ने वादा किया कि दक्षिण 24 परगना जिले के विकास के लिए नए द्वार खोले जा रहे हैं। अब इस पूरे इलाके के युवाओं को रोजगार और आजीविका की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा क्योंकि स्थानीय स्तर पर ही उद्योगों और नौकरियों के पर्याप्त अवसर पैदा किए जा रहे हैं।