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'स्वच्छ ऐप' लॉन्च, फोटो अपलोड करते ही पहुंचेगी टीम
कोलकाता। बंगाल की सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों को कूड़ा-मुक्त और पूरी तरह स्वच्छ बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद सख्त और आधुनिक डिजिटल कदम उठाया है। सूबे में सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर नकेल कसने के उद्देश्य से शनिवार को स्वच्छ ऐप का औपचारिक शुभारंभ कर दिया गया। इस ऐप के जरिए अब आम जनता सीधे तौर पर प्रशासन की तीसरी आंख बनेगी। कोई भी नागरिक सड़कों या मोहल्ले में गंदगी की लाइव तस्वीर खींचकर इस ऐप पर अपलोड कर सकेगा, जिस पर संबंधित नगर निकाय के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से एक्शन लेना होगा।
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस डिजिटल स्वच्छता अभियान के शुरुआती चरण में राज्य की 10 चुनिंदा नगरपालिकाओं में इस सेवा को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। इन शहरों में मिलने वाले फीडबैक और सफलता के आधार पर आने वाले समय में इसका दायरा राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों और महानगरों तक बढ़ाया जाएगा। सरकार का मानना है कि स्वच्छता जैसे बड़े अभियान को केवल प्रशासनिक तंत्र के भरोसे सफल नहीं बनाया जा सकता, बल्कि इसके लिए आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सीधी निगरानी बेहद जरूरी है। यह ऐप जनता और नगर निगमों के बीच की दूरी को खत्म कर त्वरित कार्रवाई का माध्यम बनेगा।
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकार केवल तकनीक और जागरूकता पर ही निर्भर नहीं रह रही है, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़े कानूनी और दंडात्मक कदम उठाने की भी पूरी तैयारी कर ली गई है। आगामी सितंबर महीने से सार्वजनिक स्थानों, सरकारी इमारतों की दीवारों या सड़कों पर थूकने, पान-गुटखे की पीक फेंकने और खुले में कचरा डंप करने वालों के खिलाफ भारी आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाने की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने इस योजना को लेकर सरकार का रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती तीन महीनों तक पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि लोग कूड़ेदान का उपयोग करने की आदत डालें। लेकिन यह मियाद खत्म होते ही, यानी सितंबर से लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ऑन-द-स्पॉट जुर्माना वसूला जाएगा। प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ सरकार शहरों में बुनियादी ढांचे को भी दुरुस्त करने जा रही है ताकि जनता को कचरा फेंकने के लिए पर्याप्त विकल्प मिल सकें। नई कार्ययोजना के तहत शहरी क्षेत्रों की प्रमुख सड़कों पर प्रत्येक 100 मीटर की दूरी पर आधुनिक डस्टबिन स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। अब राज्य में चलने वाली सभी सरकारी और निजी बसों के भीतर कचरा संग्रहण के लिए विशेष बैग रखना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि यात्री चलती बस से सड़क पर कचरा या बोतलें न फेंक सकें।
निश्चित रूप से, स्वच्छ ऐप की निगरानी, कड़े जुर्माने के प्रावधान और सड़कों पर डस्टबिन के इस त्रिस्तरीय फॉर्मूले से बंगाल के शहरों की सूरत बदलने और नागरिकों को एक स्वच्छ, सुंदर व स्वस्थ वातावरण मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।