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इस आंदोलन को लेकर सरकार या आयोग की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है
कोलकाता। स्कूल सर्विस कमीशन की कथित अनियमितताओं और न्याय में हो रही देरी के खिलाफ बुधवार को नौकरी से वंचित आंदोलनकारी शिक्षकों ने एसएससी कार्यालय की ओर विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी शिक्षक चार प्रमुख मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे, जिनमें से कई पहले भी लंबे समय से एसएससी के बाहर धरना दे रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक रिव्यू प्रक्रिया का पूरा परिणाम नहीं आता, तब तक किसी भी तरह की नई भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आवेदन मांगना अनुचित है।
उनका आरोप है कि आयोग बार-बार योग्य उम्मीदवारों की वास्तविक सूची छुपा रहा है, जिससे भ्रम और अन्याय की स्थिति बन रही है। आंदोलनकारियों की मांग है कि सरकार और आयोग मिलकर सुप्रीम कोर्ट में सभी ओएमआर शीट्स को पेश करें और पुनर्पैनलिंग की प्रक्रिया को वैध रूप से आगे बढ़ाया जाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग रखी कि जिन उम्मीदवारों को योग्यता के बावजूद बाहर कर दिया गया, उन्हें रिव्यू के माध्यम से तुरंत नौकरी में बहाल किया जाए। एसएससी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि कुछ समय के लिए ट्रैफिक बाधित हुआ।
इस आंदोलन को लेकर सरकार या आयोग की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, आंदोलनकारियों की मांगों पर विचार करने के लिए जल्द ही उच्चस्तरीय बैठक हो सकती है।