तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढही, 3 मजदूरों की मौत, 18 को बचाया गया
विमान और रेल पहिये थमे, सॉल्टलेक में पेड़ गिरने से हादसा
कोलकाता। कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार दोपहर आई भीषण कालबैशाखी ने भारी तबाही मचाई है। करीब 76 से 88 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से चली आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण पूरा महानगर ठहर सा गया। इस प्राकृतिक आपदा में जहां एक तरफ सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़कर सड़कों पर आ गिरे, वहीं दूसरी तरफ रेल, मेट्रो और हवाई सेवाओं पर इसका सीधा और बेहद गंभीर असर पड़ा। हालांकि, पिछले कई दिनों से जारी भीषण और उमस भरी गर्मी से जूझ रहे शहरवासियों को इस बारिश से राहत जरूर मिली है, लेकिन इसके बदले महानगर को भारी अव्यवस्था और हादसों का सामना करना पड़ा है।
तूफान के दौरान सबसे बड़ा और दर्दनाक हादसा सॉल्टलेक के इंदिरा भवन इलाके में पेश आया। यहां एक विशालकाय पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर सीधे मुख्य सड़क पर आ गिरा। इसकी चपेट में वहां खड़ी एक चारपहिया गाड़ी और सड़क से गुजर रही एक ऑनलाइन ऐप-कैब की बाइक आ गई। यह बाइक सॉल्टलेक सीजीओ कॉम्प्लेक्स से इंदिरा भवन की ओर जा रही थी। पेड़ गिरने से बाइक चालक और उस पर सवार यात्री दोनों ही उसके नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से निकाला और तुरंत बिधाननगर महकमा अस्पताल पहुंचाया। गनीमत यह रही कि जिस कार पर पेड़ गिरा, वह उस वक्त खाली थी, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। इसी तरह का एक और वाकया रवींद्र सरोवर इलाके में हुआ, जहां एक चलती कार पर पेड़ गिर गया, लेकिन कार सवार दंपती किसी तरह खुद ही पेड़ की डालियां हटाकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे।
कालबैशाखी की इस मार से दक्षिण कोलकाता का आलीशान साउथ सिटी मॉल भी नहीं बच सका। तेज हवाओं के भारी दबाव के कारण मॉल की कई विशालकाय कांच की खिड़कियां और संरचनाएं टूटकर ताश के पत्तों की तरह नीचे गिर गईं, जिससे मॉल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। माल प्रबंधन का कहना है कि नीचे कैनोपी होने के कारण कोई हादसा नहीं हुआ। शीशा टूटते ही हमारी टीम ने तुरंत इस पर कार्रवाई शुरू कर दी। उधर, मैदान इलाके में भी कई पेड़ गिरने की वजह से मुख्य मार्ग को यातायात के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ा, जिसे बाद में कोलकाता नगर निगम के आपदा प्रबंधन कर्मियों ने युद्धस्तर पर कटर मशीनों से काटकर साफ किया।
इस मौसमी आफत ने कोलकाता के दमदम हवाई अड्डे पर विमानों की उड़ानों को पूरी तरह ठप कर दिया। बेहद खराब दृश्यता और तेज हवाओं के चलते एक घंटे से अधिक समय तक रनवे को बंद रखना पड़ा। स्थिति इतनी गंभीर थी कि लैंडिंग के लिए तैयार दो विमानों को रनवे से ही हवा में वापस लौटना पड़ा, जबकि 10 से अधिक घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के समय में भारी बदलाव करना पड़ा।
परिवहन के अन्य साधनों में, सियालदह डिवीजन के मध्यग्राम सेक्शन में ओवरहेड बिजली के तारों पर त्योहारों वाले बड़े फेस्टून और बैनर उड़कर गिर गए, जिससे ट्रेनों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसके अलावा हाबड़ा-गुमा और कल्याणी-मदनपुर सेक्शन में भी रेलवे ट्रैक पर विशाल पेड़ गिरने से अप और डाउन मार्ग की कई लोकल व एक्सप्रेस ट्रेनों को बीच के स्टेशनों पर ही रोक देना पड़ा। वहीं कोलकाता की लाइफलाइन मेट्रो सेवा भी इसकी चपेट में आई; भारी बारिश और हवा के थपेड़ों से ब्रिजी मेट्रो स्टेशन के शेड का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया।
अलीपुर मौसम विभाग ने फिलहाल राहत के संकेत नहीं दिए हैं और दक्षिण बंगाल के कोलकाता, नदिया, उत्तर व दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जैसे कई जिलों के लिए अगले कुछ घंटों का हाई अलर्ट जारी रखा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आने वाले दो-तीन घंटों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की पूरी आशंका है। प्रशासन ने आम जनता को सख्त हिदायत दी है कि वे बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूर रहें तथा बेहद जरूरी काम होने पर ही अपने घरों की चौखट लांघें।