Please wait
पदभार संभालते ही एक्शन में शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक Sudhir wins historic ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री बोले ‘मुझे देश की युवा शक्ति पर बहुत गर्व है’ Sudhir wins historic पीओके भारत का अभिन्न अंग, पाकिस्तान से वार्ता हुई तो सिर्फ यही मुद्दा उठाया जाएगाः राजनाथ सिंह Sudhir wins historic पुरुलिया : रंगदारी वसूलने के आरोप में तृणमूल छात्र परिषद के जिलाध्यक्ष गिरफ्तार Sudhir wins historic पत्रकार हमला प्रकरण में मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, गुंडा दमन कानून से कार्रवाई Sudhir wins historic एक करोड़ मुआवजा, केस वापस होंगे; प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP का आंदोलन खत्म Sudhir wins historic छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा Sudhir wins historic हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में आई टाटा सुमो, 13 लोगों की मौत, दो घायल Sudhir wins historic सरकार के साथ वार्ता के बाद सीजेपी बोली- प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं Sudhir wins historic सरकार के लिखित आश्वासन पर 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन Sudhir wins historic

डबल इंजन सरकार से बंगाल में अटकी रेल परियोजनाओं पूरी होने की उम्मीद

नवद्वीप घाट से नवद्वीप धाम तक रेल लाइन बनाने की परियोजना भी लंबे समय से अधूरी है

06 May 2026

 डबल इंजन सरकार से बंगाल में अटकी रेल परियोजनाओं पूरी होने की उम्मीद

कोलकाता। विधानसभा चुनाव में नयी सरकार बनाने की तैयारी के बीच पश्चिम बंगाल में लंबे समय से अटकी कई रेल परियोजनाओं के पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है। अधिकारियों का मानना है कि राज्य में अब ‘डबल इंजन’ सरकार बनने के बाद भूमि अधिग्रहण की समस्या दूर हो सकती है और परियोजनाओं को गति मिल सकती है।
रेलवे के अनुसार राज्य में करीब 68 हजार करोड़ रुपये की लागत से 42 रेल परियोजनाओं की घोषणा की गई है। लेकिन इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक जमीन का केवल 27 प्रतिशत हिस्सा ही अब तक रेलवे को मिल पाया है। करीब 73 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण लंबे समय से अटका हुआ है, जिसकी कुल मात्रा लगभग चार हज़ार 662 हेक्टेयर है।
सबसे प्रमुख परियोजनाओं में कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन (कवि सुभाष से एयरपोर्ट) का निर्माण भी शामिल है। चिंग्ड़ीघाटा इलाके में करीब 377 मीटर हिस्से में पिलर नहीं लग पाने के कारण यह काम लंबे समय से रुका हुआ है। रेलवे अधिकारियों का आरोप है कि कई बार ट्रैफिक ब्लॉक लेकर काम शुरू करने की कोशिश की गई, लेकिन राज्य सरकार से अनुमति नहीं मिली।
इसके अलावा तारकेश्वर–बिष्णुपुर (83 किमी) रेल परियोजना का काम भी जमीन विवाद के कारण रुका हुआ है। गोघाट–कामारपुकुर हिस्से में 2016 से स्थानीय आंदोलन के कारण निर्माण कार्य बंद है। वहीं देशप्राण–नंदीग्राम (18.5 किमी) रेल परियोजना का काम भी 2009-10 से जमीन अधिग्रहण की समस्या में फंसा हुआ है।
नैहाटी और रानाघाट के बीच तीसरी रेल लाइन का काम भी भूमि समस्या के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा है। यह शाखा बहुत व्यस्त माना जाता है और ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए तीसरी लाइन जरूरी है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार चांडिल–अनारा–बर्नपुर शाखा में तीसरी लाइन और जलेश्वर से दीघा तक नई रेल लाइन बिछाने का काम भी जमीन के कारण अटका है। नवद्वीप घाट से नवद्वीप धाम तक रेल लाइन बनाने की परियोजना भी लंबे समय से अधूरी है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित रेलवे बोर्ड के कई अधिकारियों ने पहले आरोप लगाया था कि राज्य सरकार के विरोध के कारण इन परियोजनाओं के लिए जमीन नहीं मिल पा रही थी।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


डबल इंजन बंगाल में अटकी रेल परियोजनाओं पूरी होने की उम्मीद
नवद्वीप घाट से नवद्वीप धाम तक रेल लाइन बनाने की परियोजना भी लंबे समय से अधूरी है





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News