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विभाग ने इस मामले में शामिल सभी संदिग्धों की सूची भी मांगी है
कोलकाता। कोलकाता के ऐतिहासिक सुरेंद्रनाथ कॉलेज में यूनियन रूम से दीमक लगी नोटों की गड्डियां और अय्याशी के अड्डों का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोलकाता पुलिस की एंटी-राउडी स्क्वॉड ने मुस्तैदी दिखाते हुए तृणमूल नेता देवाशीष बंद्योपाध्याय के बेहद करीबी वेंडर परितोष दत्ता को पूर्व बर्दवान से दबोच लिया है। इस शर्मनाक घटनाक्रम के बाद राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कॉलेज प्रशासन से बेहद तल्ख सवाल पूछे हैं और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। गौरतलब है कि मंगलवार को कॉलेज के यूनियन रूम की अलमारी से बैगों में ठूंसकर रखी गई भारी-भरकम नकदी बरामद हुई थी, जिसका एक बड़ा हिस्सा दीमक चट कर चुकी थी। इस बरामदगी ने छात्र राजनीति और कॉलेज प्रशासन के गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब जांच के दौरान कॉलेज की पांचवीं मंजिल पर टेरिस फैसिलिटी के नाम पर बने दो आलीशान एयर-कंडीशंड कमरों का खुलासा हुआ। वहां से आलीशान बिस्तर, महंगे गद्दे और आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद हुईं। आरोप है कि तृणमूल सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के करीबी और गवर्निंग बॉडी के सदस्य देवाशीष बंद्योपाध्याय इन कमरों का इस्तेमाल कथित तौर पर मसाज पार्लर और अपने निजी ऐशो-आराम के लिए करते थे। कॉमन रूम में भी नेताओं की तस्वीरें लगी पाई गईं, जिससे परिसर के राजनीतिकरण की पोल खुल गई है।
इस घिनौने खुलासे के बाद हरकत में आए उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज से पूछा है कि छात्र यूनियन के फंड का इस्तेमाल कहां हुआ, इन एसी कमरों के निर्माण की इजाजत किसने दी और यूनियन रूम तक इतनी बड़ी नकदी कैसे पहुंची?
विभाग ने इस मामले में शामिल सभी संदिग्धों की सूची भी मांगी है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद, बिभूतिभूषण बंद्योपाध्याय और सुनील गंगोपाध्याय जैसी महान विभूतियों की शिक्षास्थली रहे 140 साल पुराने इस गौरवशाली संस्थान की साख पर लगे इस बट्टे से शिक्षा जगत स्तब्ध है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि परितोष दत्ता की गिरफ्तारी तो सिर्फ शुरुआत है, आने वाले दिनों में वित्तीय लेन-देन के इस काले खेल में कई और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।