पार्टी नेतृत्व ने राज्य प्रशासन से निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और पीडि़ता को न्याय दिलाने की बात कही है
कोलकाता। कस्बा इलाके में एक नाबालिग के साथ हुए कथित बलात्कार मामले में जांच के लिए केंद्र द्वारा भेजी गई फैक्ट फाइंडिंग कमिटी पर तृणमूल कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता शशि पांजा ने कमिटी की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए उसे राजनीतिक हथकंडा बताया। शशि पांजा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह तथाकथित फैक्ट फाइंडिंग कमिटी दरअसल तृणमूल को बदनाम करने का एक और प्रयास है। इनके एजेंडे में सच्चाई ढूंढना नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल सरकार और खासकर तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ झूठी कहानियाँ गढऩा है। पांजा ने कमिटी के सदस्यों के अतीत को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को खुद जवाब देना चाहिए, वे दूसरों से जवाब मांगने चले हैं। इन सदस्यों का रिकॉर्ड खुद संदिग्ध है। जनता जानती है कि ये कौन लोग हैं, और क्यों भेजे गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह कमिटी कोलकाता में मीडिया के लिए राजनीतिक तमाशा करने आई है। इनका मकसद केवल तथ्यों की जांच करना नहीं, बल्कि बंगाल की छवि खराब करना है। ये लोग ग्राउंड पर जाकर जांच करने से ज़्यादा, टीवी कैमरों के सामने बयानबाज़ी में दिलचस्पी रखते हैं। हाल ही में कोलकाता के कस्बा इलाके में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित बलात्कार की घटना सामने आई थी, जिससे राज्य की राजनीति गरमा गई है।
विपक्षी दलों ने मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र की मंशा पर सवाल उठाए। इस मामले में केंद्रीय महिला आयोग और एक तथाकथित फैक्ट फाइंडिंग कमिटी बंगाल आई हुई है, जिसने मौके का मुआयना करने और स्थानीय अधिकारियों से बात करने की बात कही है। लेकिन तृणमूल का आरोप है कि यह जांच की आड़ में राजनीतिक स्टंट है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि बंगाल में हर संवेदनशील मामले को नेशनल हेडलाइन बनाने की कोशिश की जाती है, जबकि अन्य राज्यों में ऐसी घटनाओं पर चुप्पी साध ली जाती है।
पांजा ने सवाल किया, "क्या उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार या दिल्ली में ऐसे मामलों की जांच के लिए कोई फैक्ट फाइंडिंग कमिटी भेजी जाती है?"तृणमूल कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि अगर कमिटी ने एकतरफा रिपोर्ट दी या राजनीति की, तो पार्टी इसका सख्त जवाब देगी। पार्टी नेतृत्व ने राज्य प्रशासन से निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और पीडि़ता को न्याय दिलाने की बात कही है।