Please wait
शादी के बंधन में बंधे आमिर खान और गौरी स्प्रैट Sudhir wins historic बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, तटीय जिलों में प्रशासन सतर्क Sudhir wins historic तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ऋतब्रत बनर्जी गुट के नेताओं से की मुलाकात, अटकलें तेज Sudhir wins historic वैभव सूर्यवंशी ने डेब्यू करते ही रचा इतिहास, तोड़ा सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना महारिकॉर्ड Sudhir wins historic राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों को मिले कठोर दंडः संघ Sudhir wins historic डायमंड हार्बर में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नया मामला, ‘सेवाश्रय’ शिविर जांच के घेरे में Sudhir wins historic विपक्षी विधायकों को मिलेगा समान सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकार, विधानसभा में बोले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी Sudhir wins historic तृणमूल के तीन बैंक खातों पर रोक मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, बैंक से हलफनामा और पुलिस से जांच रिपोर्ट तलब Sudhir wins historic बंगाल की खाड़ी में बन रहा गहरा निम्न दबाव, चार से आठ जुलाई तक दक्षिण बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी Sudhir wins historic विधाननगर अस्पताल का नाम बदला, मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल Sudhir wins historic

'जोड़ा फूल' पर घमासान : 'असली टीएमसी' की जंग पहुंची हाईकोर्ट

ममता बनर्जी से छिन जाएगा तृणमूल का चुनाव चिह्न?

07 Jun 2026

'जोड़ा फूल' पर घमासान : 'असली टीएमसी' की जंग पहुंची हाईकोर्ट

कोलकाता। बंगाल के राजनीतिक इतिहास में शायद ऐसा दौर पहले कभी नहीं देखा गया। विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद ऑल इंडिया तृणमूल के भीतर छिड़ा गृहयुद्ध अब सड़क से निकलकर अदालत की दहलीज पर पहुंच गया है। पार्टी के भीतर दो फाड़ हो चुके हैं एक तरफ ममता बनर्जी का खेमा है, तो दूसरी तरफ ऋतोब्रत बनर्जी समर्थक बागी विधायकों का गुट। दोनों ही खुद को असली तृणमूल बता रहे हैं। सोमवार को यह पूरी लड़ाई हाईकोर्ट में एक नया मोड़ ले सकती है, जहां पार्टी के नाम और सबसे बढ़कर उसके अधिकारिक चुनाव चिह्न 'जोड़ा फूलÓ को बचाने और हथियाने की कानूनी जंग शुरू होने जा रही है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी समर्थक खेमा सोमवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले की जल्द से जल्द सुनवाई की मांग कर सकता है। वहीं दूसरी ओर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर किसका अधिकार होगा, इस कानूनी पेंच पर भी स्थिति साफ होनी बाकी है। यही वजह है कि ऋतोब्रत बनर्जी का बागी खेमा फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि अगर अदालती रुख अनुकूल रहा, तो बागी विधायक सीधे चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाकर तृणमूल के चुनाव चिह्न पर अपना दावा ठोक देंगे, जिससे ममता बनर्जी के हाथ से अपनी ही बनाई पार्टी का सिंबल छिनने का खतरा पैदा हो गया है। 
दरअसल, विधानसभा चुनाव में मिली करारी और अप्रत्याशित हार के बाद से ही तृणमूल के भीतर असंतोष का ज्वालामुखी सुलग रहा था। कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी की चुनावी रणनीति और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर तीखे सवाल उठाए। आरोप लगा कि शीर्ष स्तर की रणनीतिक गलतियों के कारण ही पार्टी सत्ता से बेदखल हुई। इसके बाद ऋतोब्रत बनर्जी और संदीपन साहा जैसे नेताओं ने खुलेआम बगावत का झंडा बुलंद कर दिया। ममता बनर्जी ने डैमेज कंट्रोल के लिए कालीघाट में विधायकों की बैठक बुलाकर शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता घोषित तो किया, लेकिन जब विधानसभा सचिवालय ने विधायकों के हस्ताक्षर वाला औपचारिक प्रस्ताव मांगा, तो असली खेल शुरू हो गया।
विवाद उस समय बेहद गंभीर हो गया जब बागी खेमे ने आरोप लगाया कि ममता गुट द्वारा जमा किए गए 70 विधायकों के समर्थन वाले दस्तावेज में कई हस्ताक्षर फर्जी हैं। विधानसभा सचिव को भी जब हस्ताक्षरों में विसंगति दिखी, तो मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई। इस बीच कैनिंग पूर्व के विधायक बहारुल इस्लाम के एक बयान ने आग में घी का काम किया, जिन्होंने खुलेआम दावा कर दिया कि उन्होंने किसी प्रस्ताव पर दस्तखत नहीं किए थे और अभिषेक बनर्जी के दफ्तर के लड़कों ने उनके जाली हस्ताक्षर किए।
इस राजनीतिक भूचाल के बीच बागी विधायकों ने खुद को असली तृणमूल घोषित करते हुए ऋतोब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुन लिया और समानांतर संगठन खड़ा कर दिया। पार्टी को पूरी तरह बिखरने से बचाने के लिए खुद ममता मोर्चे पर उतरी हैं। उन्होंने डैमेज कंट्रोल के तहत अभिषेक बनर्जी के पर कतरते हुए उनकी कुछ संगठनात्मक जिम्मेदारियां डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन को सौंप दी हैं, जिससे यह साफ है कि अब अभिषेक का नेतृत्व निर्विवाद नहीं रहा। फिलहाल ममता बनर्जी दिल्ली दौरे पर हैं, लेकिन सीआईडी जांच की आंच, नेता प्रतिपक्ष का फैसला और हाईकोर्ट की सुनवाई यह तय करेगी कि बंगाल की राजनीति का ऊँट किस करवट बैठेगा और 'जोड़ा फूलÓ किसके पास रहेगा।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


'जोड़ा फूल' पर घमासान : 'असली टीएमसी' की जंग पहुंची हाईकोर्ट
ममता बनर्जी से छिन जाएगा तृणमूल का चुनाव चिह्न?





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News