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20 जून तक राज्य में तैनात रहेंगी 500 कंपनियां केंद्रीय बल
नई दिल्ली/कोलकाता। बंगाल में मतदान की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद भी केंद्रीय सुरक्षा बल अभी राज्य से वापस नहीं लौटेंगे। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और चुनाव बाद होने वाली हिंसा को सख्ती से रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आगामी 20 जून, तक राज्य में 500 कंपनियां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल को तैनात रखने का एक बड़ा फैसला लिया है। गत 20 मईको केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गए एक आधिकारिक फैक्स संदेश के जरिए इस फैसले की जानकारी पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव गृह सचिव और राज्य पुलिस के महानिदेशक को स्पष्ट रूप से दे दी गई है।
मंत्रालय के पत्र से यह साफ हुआ है कि गत 16 मई को पश्चिम बंगाल सरकार के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग की ओर से केंद्र सरकार को एक आवेदन भेजा गया था। इस आवेदन में राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए आगामी अक्टूबर, के अंत तक 500 कंपनियां केंद्रीय बल को राज्य में बनाए रखने का अनुरोध किया था।
गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बंगाल में तैनात रहने वाली कुल 500 कंपनियों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी सीआरपीएफ की होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सेकंड-इन-कमांड रितेश कुमार सिंह द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इतनी बड़ी संख्या में तैनात केंद्रीय बलों के आवास (रहने की जगह), आवागमन के लिए परिवहन (गाडिय़ां) और लॉजिस्टिक्स सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। राज्य प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि बलों की परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार सभी जरूरी बुनियादी ढांचे जल्द से जल्द सुनिश्चित किए जाएं। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों का मानना है कि चुनाव बाद होने वाली संभावित हिंसा को रोकने और राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रण में रखने की दिशा में केंद्र सरकार का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक साबित होगा।