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आत्मविश्वास से ही संभव है विकसित भारत का सपना: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर सुभाषित साझा किया, “श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥” इस सुभाषित का अर्थ है कि शुभ कार्यों से धन अर्जित होता हैं। यह साहस और आत्मविश्वास से बढ़ता है, कुशलता और दक्षता से स्थिर रहता है और संयम द्वारा सुरक्षित होकर राष्ट्र की प्रगति में सहायक बनता है।

03 Feb 2026

आत्मविश्वास से ही संभव है विकसित भारत का सपना: प्रधानमंत्री

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को आत्मविश्वास को सफलता की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि इसी के बल पर सब कुछ संभव है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में देशवासियों का आत्मविश्वास निर्णायक भूमिका निभाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर सुभाषित साझा किया, “श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥” इस सुभाषित का अर्थ है कि शुभ कार्यों से धन अर्जित होता हैं। यह साहस और आत्मविश्वास से बढ़ता है, कुशलता और दक्षता से स्थिर रहता है और संयम द्वारा सुरक्षित होकर राष्ट्र की प्रगति में सहायक बनता है।

इस सुभाषित के माध्यम से प्रधानमंत्री ने संदेश दिया कि समृद्धि शुभ कार्यों से उत्पन्न होती है, आत्मविश्वास से बढ़ती है, दक्षता से मजबूत आधार बनाती है और संयम से स्थिरता प्राप्त करती है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आत्मविश्वास, कौशल और अनुशासन के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर सुभाषित साझा किया, “श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥” इस सुभाषित





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