Please wait
शादी के बंधन में बंधे आमिर खान और गौरी स्प्रैट Sudhir wins historic बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, तटीय जिलों में प्रशासन सतर्क Sudhir wins historic तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ऋतब्रत बनर्जी गुट के नेताओं से की मुलाकात, अटकलें तेज Sudhir wins historic वैभव सूर्यवंशी ने डेब्यू करते ही रचा इतिहास, तोड़ा सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना महारिकॉर्ड Sudhir wins historic राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों को मिले कठोर दंडः संघ Sudhir wins historic डायमंड हार्बर में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नया मामला, ‘सेवाश्रय’ शिविर जांच के घेरे में Sudhir wins historic विपक्षी विधायकों को मिलेगा समान सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकार, विधानसभा में बोले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी Sudhir wins historic तृणमूल के तीन बैंक खातों पर रोक मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, बैंक से हलफनामा और पुलिस से जांच रिपोर्ट तलब Sudhir wins historic बंगाल की खाड़ी में बन रहा गहरा निम्न दबाव, चार से आठ जुलाई तक दक्षिण बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी Sudhir wins historic विधाननगर अस्पताल का नाम बदला, मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल Sudhir wins historic

बंगाल पुलिस हेडक्वार्टर से तीन महिला सिविक वॉलंटियरों के तबादले के आदेश से उठे सवाल

ऐसे समय में तीन सिविक वॉलंटियरों के तबादले का आदेश जारी होना चर्चा का विषय बन गया है

09 Mar 2026

बंगाल पुलिस हेडक्वार्टर से तीन महिला सिविक वॉलंटियरों के तबादले के आदेश से उठे सवाल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय से तीन महिला सिविक वॉलंटियरों के तबादले का आदेश जारी किए जाने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को इसकी पुष्टि की।
सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में औपचारिक निर्देश जारी किया गया है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में ऐसा कोई उदाहरण सामने नहीं आया है जब राज्य पुलिस मुख्यालय की ओर से सिविक वॉलंटियरों के तबादले का औपचारिक आदेश जारी किया गया हो।
दरअसल, सिविक वॉलंटियर राज्य पुलिस बल के नियमित सदस्य नहीं होते हैं। कोलकाता उच्च न्यायालय पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि सिविक वॉलंटियरों को कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों में नियुक्त नहीं किया जा सकता। अदालत ने अपने एक फैसले में यह भी कहा था कि उन्हें पुलिस के मुख्य कार्यों या अधिकारियों की आधिकारिक ड्यूटी में सहयोग के लिए नहीं लगाया जाना चाहिए।
उच्च न्यायालय ने संवैधानिक रूप से यह स्पष्ट किया था कि सिविक वॉलंटियर पुलिसकर्मी नहीं हैं। इसके बावजूद तीन महिला सिविक वॉलंटियरों के तबादले का आदेश पुलिस मुख्यालय से जारी किया गया है। हालांकि तबादले के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है।
वाम मोर्चा सरकार के दौर में कोलकाता की सड़कों पर अक्सर ग्रीन पुलिस तैनात नजर आती थी। वर्ष 2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद सरकार ने सिविक वॉलंटियरों की भर्ती का आदेश जारी किया।
शुरुआत में हावड़ा और आसनसोल पुलिस आयुक्तालयों में करीब दो हजार सिविक वॉलंटियरों की नियुक्ति की गई थी। इसके साथ ही राज्य में सिविक वॉलंटियरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इनकी नियुक्ति आमतौर पर स्थानीय थानों के माध्यम से की जाती है, इसलिए इनका प्रशासनिक नियंत्रण सीधे राज्य पुलिस मुख्यालय से नहीं जुड़ा होता।
उधर राज्य विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस प्रशासन में कई स्तरों पर फेरबदल भी किए गए हैं। कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है और विभिन्न थानों व पुलिस आयुक्तालयों में तैनात अधिकारियों को भी बदला गया है। ऐसे समय में तीन सिविक वॉलंटियरों के तबादले का आदेश जारी होना चर्चा का विषय बन गया है।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


तीन महिला सिविक वॉलंटियरों के तबादले के आदेश से उठे सवाल
ऐसे समय में तीन सिविक वॉलंटियरों के तबादले का आदेश जारी होना चर्चा का विषय बन गया है





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News