Please wait
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, किशोरी को जीवित ही तालाब में फेंका Sudhir wins historic अभिषेक बनर्जी के जांच में सहयोग नहीं करने पर सवाल, हाई कोर्ट ने दी आवाज का नमूना देने की नसीहत Sudhir wins historic बरूईपुर दुष्कर्म-हत्या मामला : डीजी सिध्दनाथ गुप्ता ने किया घटनास्थल का निरीक्षण Sudhir wins historic फीफा विश्व कप 2026: ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार जूनियर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास Sudhir wins historic बारुईपुर नाबालिग हत्याकांड : 6 सदस्यीय विशेष जांच दल गठित, एक और आरोपित गिरफ्तार Sudhir wins historic शादी के बंधन में बंधे आमिर खान और गौरी स्प्रैट Sudhir wins historic बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, तटीय जिलों में प्रशासन सतर्क Sudhir wins historic तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ऋतब्रत बनर्जी गुट के नेताओं से की मुलाकात, अटकलें तेज Sudhir wins historic वैभव सूर्यवंशी ने डेब्यू करते ही रचा इतिहास, तोड़ा सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना महारिकॉर्ड Sudhir wins historic राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों को मिले कठोर दंडः संघ Sudhir wins historic

प्रधानमंत्री ने कहा, एआई जैसी तकनीक तभी सार्थक, जब उसका उपयोग समाज कल्याण के लिए हो

इंडिया एआई इंपेक्ट समिट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यही है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को किस प्रकार सर्वजन हित में प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत तकनीक को मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ा रहा है।

17 Feb 2026

प्रधानमंत्री ने कहा, एआई जैसी तकनीक तभी सार्थक, जब उसका उपयोग समाज कल्याण के लिए हो

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को बुद्धिमत्ता, तर्कशीलता और निर्णय क्षमता को विज्ञान और प्रौद्योगिकी को जन-जन के लिए उपयोगी बनाने का आधार बताया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी उन्नत तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग समाज के व्यापक कल्याण के लिए किया जाए।

इंडिया एआई इंपेक्ट समिट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यही है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को किस प्रकार सर्वजन हित में प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत तकनीक को मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ा रहा है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए बुद्धि के गुणों का उल्लेख करते हुए लिखा कि

“शुश्रूषा श्रवणं चैव ग्रहणं धारणां तथा।

ऊहापोहोऽर्थविज्ञानं तत्त्वज्ञानं च धीगुणाः॥”

इस सुभाषित का अर्थ सीखने की इच्छा, ध्यानपूर्वक सुनना, सही ढंग से समझना, उसे धारण करना, तर्क-वितर्क करना, अर्थ की गहरी समझ और सत्य का ज्ञान ये सभी ‘धी’ अर्थात् बुद्धि के गुण हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई के विकास और उसके जिम्मेदार उपयोग के लिए भी यही गुण आवश्यक हैं। केवल तकनीकी दक्षता पर्याप्त नहीं है बल्कि विवेक, नैतिकता और समाजहित की भावना भी उतनी ही जरूरी है।

उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सुशासन जैसे क्षेत्रों में एआई के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाकर भारत तकनीक को जनकल्याण का सशक्त माध्यम बनाएगा।
 

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


प्रधानमंत्री ने कहा, एआई जैसी तकनीक तभी सार्थक, जब उसका उपयो
इंडिया एआई इंपेक्ट समिट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यही है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को किस प्रकार सर्वजन हित मे





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News