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13 वर्षों तक पश्चिम बंगाल की सत्ता का केंद्र रहे नवान्न से राइटर्स बिल्डिंग में फिर शिफ्ट होगा सचिवालय

अब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने फैसला किया है कि प्रशासनिक कामकाज फिर से ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग से ही संचालित होगा।

09 May 2026

13 वर्षों तक पश्चिम बंगाल की सत्ता का केंद्र रहे नवान्न से राइटर्स बिल्डिंग में फिर शिफ्ट होगा सचिवालय

कोलकाता। कोलकाता का “नवान्न” अर्थात नई उपज। यह नाम पश्चिम बंगाल की उस 14 मंजिला इमारत का है, जो पिछले 13 वर्षों से राज्य की सत्ता का प्रमुख केंद्र रही है। यहीं से मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचिव, गृह सचिव समेत राज्य सरकार के तमाम शीर्ष अधिकारी और विभाग कामकाज संचालित करते रहे। अब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने फैसला किया है कि प्रशासनिक कामकाज फिर से ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग से ही संचालित होगा।

नवान्न का निर्माण मूल रूप से वस्त्र उद्योग और गारमेंट सेक्टर के विकास के उद्देश्य से किया गया था। वर्ष 2011 तक शासन करने वाली वाम मोर्चा सरकार ने इसके निर्माण की जिम्मेदारी एचआरबीसी (हुगली रिवर ब्रिज कमिश्नर्स) को सौंपी थी। करीब 75 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस 14 मंजिला इमारत में गारमेंट उद्योग से जुड़े उद्यमियों और विभिन्न प्रतिनिधि संस्थाओं को स्थान दिया जाना था। साथ ही यहां वस्त्र उत्पादन में गुणवत्ता और शोध कार्यों को बढ़ावा देने की भी योजना थी।

लेकिन वर्ष 2011 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस सरकार बनने के बाद शुरुआत में नई सरकार ने राइटर्स बिल्डिंग से ही कामकाज जारी रखा, लेकिन वर्ष 2013 तक राइटर्स बिल्डिंग में बड़े पैमाने पर मरम्मत और पुनर्निर्माण की आवश्यकता महसूस की गई। इसके बाद सरकार ने वैकल्पिक सचिवालय की तलाश शुरू की और उसकी नजर नवान्न भवन पर पड़ी।

सरकार को तत्काल एक नए सचिवालय की जरूरत थी। लोक निर्माण विभाग को भवन को सचिवालय के अनुरूप तैयार करने का आदेश दिया गया। विभाग ने रिकॉर्ड डेढ़ महीने के भीतर नवान्न को आधुनिक राज्य सचिवालय में बदल दिया। 5 अक्टूबर 2013 को इसका औपचारिक उद्घाटन हुआ और इसके बाद राज्य सरकार का पूरा प्रशासनिक कामकाज यहीं से संचालित होने लगा।

कोलकाता और हावड़ा के बीच गंगा नदी पर बने देश के प्रमुख केबल-स्टे पुल विद्यासागर सेतु के सर्विस लेन के पास स्थित नवान्न भवन जल्द ही राज्य की सत्ता का नया पावर सेंटर बन गया। भवन की सबसे ऊपरी यानी 14वीं मंजिल पर मुख्यमंत्री का कार्यालय बनाया गया, जबकि 13वीं मंजिल पर मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठते थे। बाद में यहां बड़े सरकारी कार्यक्रमों और बैठकों के लिए “नवान्न सभागार” नामक कन्वेंशन सेंटर का भी निर्माण किया गया।

करीब 13 वर्षों तक पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासन का केंद्र रहने के बाद अब नवान्न की भूमिका बदलने जा रही है, क्योंकि नई सरकार ने प्रशासन को फिर से राइटर्स बिल्डिंग में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है।

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